देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय मौसम विभाग के अलर्ट के बाद कई जिलों में स्कूलों को 10 जुलाई को बंद किए जाने के आदेश जिलों के जिला अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। उत्तराखंड में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली, तेज गर्जना तथा कुछ स्थानों पर फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य के कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियातन विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न जिलों के जिलाधिकारियों ने अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार देहरादून, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर सहित कई जिलों में 10 जुलाई को कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा अधिकांश स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। संबंधित मुख्य शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और बाल विकास विभाग को आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चमोली जिले में जारी आदेश में मौसम विभाग की चेतावनी का हवाला देते हुए भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और अचानक बाढ़ की आशंका व्यक्त की गई है। इसी प्रकार अन्य जिलों के प्रशासन ने भी स्थानीय परिस्थितियों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह निर्णय लिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके। प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अनेक सड़कें भूस्खलन से बाधित हैं। कई संपर्क मार्ग बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, एसडीआरएफ तथा आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं। वहीं मैदानी जिलों में भी जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के समीप न जाएं तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता जनजीवन को सुरक्षित रखना है। यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है तो आने वाले दिनों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला प्रशासन आवश्यक निर्णय ले सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश में प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और राहत एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं तथा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। Post navigation भारी बारिश के कारण देहरादून में 10 जुलाई को सभी स्कूल बंद रहेंगे