देहरादून। चमोली के कर्णप्रयाग में 16 जून के विवाद में गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिखों की रिहाई की मांग को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है। शनिवार को विकासनगर स्थित कुल्हाल बॉर्डर पर वीरवार रात को हुई बैरिकेड्स तोड़फोड़ और हुड़दंग के मामले में पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस कार्य में बाधा डालने के आरोप में अज्ञात निहंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले की जांच उपनिरीक्षक सनोज कुमार को सौंपी गई है।

एहतियात के तौर पर देहरादून-हिमाचल (कुल्हाल) बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। हालांकि, आम जनता के वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से चल रही है। पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है। वहीं प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, न्यायिक हिरासत में बंद चारों आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

पौंटा साहिब में निहंगों का डेरा, 2 दिन का अल्टीमेटम

वर्तमान में 150 से अधिक निहंग सिख हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब गुरुद्वारे में डेरा डाले हुए हैं। उनके जत्थेदार जगदीप सिंह अकाली ने बयान दिया है कि प्रशासन ने बातचीत के लिए दो दिन का समय मांगा था, इसलिए उन्होंने मार्च रोका है। मांग पूरी न होने पर वे दोबारा आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

धमकी भरा ईमेल मिला, हाई अलर्ट

खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद शनिवार को उत्तराखंड, विशेषकर देहरादून और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ा कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, एक धमकी भरा ईमेल मिला है जिसमें उत्तराखंड और दिल्ली के प्रमुख मंदिरों, सरकारी प्रतिष्ठानों, रेलवे स्टेशनों और राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने का जिक्र है। अलर्ट के बाद उत्तराखंड पुलिस और राज्य की खुफिया इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर चेकिंग और गश्त बढ़ा दी गई है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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