8 जून से 7 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना फार्म वितरित और संकलित करेंगे बीएलओ, 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

देहरादून। उत्तराखण्ड में मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम प्रारम्भ कर दिया गया है। इस संबंध में सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

उन्होंने बताया कि बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के प्रशिक्षण का कार्य तीन चरणों में संपन्न किया जा चुका है तथा गणना फार्मों की शत-प्रतिशत छपाई भी पूरी हो गई है। राज्य में 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

79 लाख से अधिक मतदाताओं को उपलब्ध कराए जाएंगे गणना फार्म

डॉ. जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश के कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म वितरित करेंगे और उन्हें भरवाकर वापस भी प्राप्त करेंगे। इस दौरान प्राप्त फार्मों को बीएलओ ऐप के माध्यम से डिजिटाइज कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि कोई मतदाता पहली बार घर पर नहीं मिलता है तो बीएलओ अधिकतम तीन बार उसके निवास पर जाकर संपर्क करने का प्रयास करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

स्वयं भी डाउनलोड कर सकेंगे गणना फार्म

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई है। मतदाता ECI-NET ऐप के माध्यम से अपना गणना फार्म स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं। फार्म भरने के बाद उसे ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है।

इसके अतिरिक्त यदि कोई पात्र नागरिक पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहता है तो वह अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म-6 भर सकता है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान ऐसे आवेदनों पर विचार किया जाएगा।

‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा से मिलेगा सीधा संपर्क

मतदाताओं की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने “बुक ए कॉल विद बीएलओ” नामक विशेष सुविधा भी शुरू की है। इसके माध्यम से मतदाता अपने बीएलओ के साथ सीधे कॉल बुक कर सकते हैं।

मतदाता वोटर्स सर्विस पोर्टल पर जाकर अथवा ECI-NET मोबाइल ऐप डाउनलोड कर यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। कॉल बुक होने के बाद संबंधित बीएलओ दो दिनों के भीतर मतदाता से संपर्क करेगा और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगा।

2003 की मतदाता सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम, पिता अथवा पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक और बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा गली, मोहल्ला और क्षेत्रवार खोज की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे पुराने मतदाता अभिलेखों को खोजने में आसानी होगी।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां

कार्यक्रम तिथि
गणना फार्म वितरण एवं संकलन 8 जून से 7 जुलाई 2026
ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 14 जुलाई 2026
दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026
दावे-आपत्तियों का निस्तारण 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य: एक भी पात्र मतदाता न छूटे

निर्वाचन विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए घर-घर सत्यापन, डिजिटल अपलोडिंग, ऑनलाइन सुविधाएं और बीएलओ से सीधा संपर्क जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, ताकि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *