देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) का ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर शनिवार सुबह एक बार फिर देशभक्ति, अनुशासन और गौरव के अद्भुत संगम का साक्षी बना। 158वीं पासिंग आउट परेड (पीओपी) के दौरान कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर 481 जेंटलमैन कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बन गए। इसके साथ ही 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेटों ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में शामिल होने की दिशा में कदम बढ़ाया। इस बार की पासिंग आउट परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही। पहली बार भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर 9 महिला कैडेट भी सैन्य अधिकारी बनीं। महिला कैडेटों की यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक मानी जा रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहीं मुख्य अतिथि पासिंग आउट परेड की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रहीं। राष्ट्रपति ने अकादमी पहुंचकर परेड का निरीक्षण किया और नवोदित सैन्य अधिकारियों की सलामी ली। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, कैडेटों के परिजन तथा बड़ी संख्या में आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे। सुबह निर्धारित समय पर परेड की शुरुआत हुई। कंपनी सार्जेंट मेजरों के नेतृत्व में कैडेटों ने ड्रिल स्क्वायर पर अपनी-अपनी जगह संभाली। इसके बाद सैन्य बैंड की मधुर धुनों और सटीक कदमताल के बीच कैडेटों ने शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। परेड के दौरान कैडेटों का आत्मविश्वास, अनुशासन और समन्वय दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। जब गूंजा – “भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम” पूरा वातावरण उस समय देशभक्ति के रंग में रंग गया जब ड्रिल स्क्वायर पर मौजूद युवा कैडेटों के कदमों के साथ “भारत माता तेरी कसम, तेरे रक्षक बनेंगे हम” का उद्घोष सुनाई दिया। वर्षों की कठिन मेहनत, त्याग और कठोर प्रशिक्षण के बाद सैन्य अधिकारी बनने का सपना साकार होने पर कैडेटों के चेहरों पर आत्मविश्वास और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। दर्शक दीर्घा में मौजूद अभिभावकों के लिए भी यह पल बेहद भावुक रहा। अपने बेटों और बेटियों को सैन्य अधिकारी बनते देख कई परिजनों की आंखें खुशी और गर्व से नम हो गईं। पहली बार महिला कैडेट बनीं आकर्षण का केंद्र 158वीं पासिंग आउट परेड का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित पहलू पहली बार आईएमए से पास आउट हुईं 9 महिला कैडेट रहीं। सैन्य इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इन महिला अधिकारियों ने यह साबित किया कि भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी अब केवल सीमित भूमिकाओं तक नहीं, बल्कि नेतृत्व के नए आयाम स्थापित कर रही है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट हुए सम्मानित परेड के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया। ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार इस बार के सबसे सफल कैडेट रहे। उन्हें प्रतिष्ठित स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर अकादमी के सर्वश्रेष्ठ कैडेट को प्रदान किया जाता है और इसे आईएमए का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। इसके अलावा— प्रिंस राज को REG कोर्स में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर मेडल मिला। तेजस भट्ट को तृतीय स्थान के लिए ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया। हृषभ मिश्रा को टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स (TGC) में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर TGC सिल्वर मेडल मिला। बोधराज थापा को स्पेशल कमीशन कोर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। करण पांडे को TES कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। मित्र देशों के कैडेटों में बांग्लादेश के कैडेट को सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट का पुरस्कार दिया गया। ‘अंतिम पग’ के साथ पूरी हुई वर्षों की तपस्या पासिंग आउट परेड का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब कैडेटों ने ड्रिल स्क्वायर पर स्थित ऐतिहासिक ‘अंतिम पग’ को पार किया। सैन्य परंपरा के अनुसार अंतिम पग पार करते ही कैडेट भारतीय सेना के अधिकारी बन जाते हैं। यह क्षण न केवल कैडेटों बल्कि उनके परिजनों के लिए भी जीवन का सबसे यादगार पल बन गया। जैसे ही नव नियुक्त अधिकारियों ने अंतिम पग पार किया, पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिसने समारोह को और अधिक भव्य बना दिया। राष्ट्रसेवा का संदेश देकर विदा हुए युवा अधिकारी अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य बल नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और संप्रभुता की सबसे मजबूत ढाल है। उन्होंने अधिकारियों से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। पीपिंग सेरेमनी के साथ नई जिम्मेदारियों की शुरुआत पासिंग आउट परेड के समापन के बाद पीपिंग सेरेमनी आयोजित की गई, जिसमें नव नियुक्त अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। परिजनों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सितारे लगाकर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण का एक और अध्याय पूरा हुआ और देश को 481 नए सैन्य अधिकारियों के रूप में ऐसे युवा नेतृत्व की सौगात मिली, जो भविष्य में देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। Post navigation जसपाल राणा को नम आंखों से अंतिम विदाई, देहरादून पहुंचे मुख्यमंत्री धामी; गुरु को देखकर भावुक हुईं मनु भाकर अल्मोड़ा में हैरान करने वाला नज़ारा: बंदर से भिड़ा तेंदुआ, जान बचाने के लिए पेड़ पर चढ़ा जंगल का शिकारी