देहरादून। उत्तराखंड भ्रमण पर पहुंचे स्वीडन के शाही दंपती ने शुक्रवार सुबह कॉर्बेट पार्क में जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। स्वीडन के राजा कार्ल गुस्ताव और महारानी सिल्विया जिप्सी से झिरना जोन में जंगल सफारी के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वन्यजीवों को देखने के साथ ही कॉर्बेट पार्क की खूबसूरती को करीब से निहारा। इसके बाद वे झिरना जोन में होते हुए गुजर खत्ता में पहुंचे और वहां वन गुजरों के परिवारों से मिले। उनके जीवन यापन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उनकी आत्मीयता और सहजता देखकर ग्रामीण भाव विभोर हो गए। उन्होंने वहां फोटो भी खिंचवाई। इसके बाद वे वापस ढेला जोन स्थित रिजॉर्ट में लौट गये। राजा कार्ल गुस्ताव और रानी सिल्विया वन मोटरमार्ग से कालागढ़ पहुंचे थे। कालागढ़ के वन विश्रामगृह में राजा-रानी के सम्मान के लिए चाय का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कालागढ़ में वन विश्रामगृह में राजा कार्ल गुस्ताव व रानी सिल्विया ने अहाते में खड़े बरगद के विशाल पेड़ के बारे में जानकारी चाही। जिसके बारे में कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि यह वृक्ष भारत का एक पवित्र वृक्ष है। इसकी आयु लगभग 300 वर्ष तक होती है। इससे पहले वे कोटद्वार के पाखरो गेट से होते हुए रामनगर के लिए रवाना हुए थे। लैंसडौन वन प्रभाग और कार्बेट के जंगलों की प्राकृतिक छटा से अभिभूत नजर आए। लैंसडौन वन प्रभाग के पनियाली गेस्ट हाउस में प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। शाही दंपती ने यहां स्वीडिश भोजन किया और कॉफी पी। गेस्टहाउस से बाहर आकर उन्होंने कार्बेट नेशनल पार्क के डायरेक्टर राहुल से कार्बेट के इतिहास और वहां की विशेषताओं की जानकारी ली। इसके बाद राजा-रानी कोटद्वार से पाखरो होते हुए कार्बेट पार्क के लिए रवाना हो गए थे। इस दौरान जिलाधिकारी धीराज गर्ब्याल, सीडीओ हिमांशु खुराना, एसएसपी दिलीप कुंवर, एडीएम डॉ. एसके बरनवाल, कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ पुनीत तोमर, लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ इंद्रेश उपाध्याय और एसडीएम कोटद्वार योगेश मेहरा उपस्थित थे। वन अधिकारियों ने बताया कि कोटद्वार से पाखरो और कालागढ़ जाते समय कार्बेट के जंगलों के प्राकृतिक नजारों को देखकर शाही दंपती खुश नजर आए।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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