देहरादून। उत्तराखण्ड में लाकडाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज इस तरह के संकेत देते हुए कहा कि राज्य में कोरोना को लेकर अभी हम प्रथम स्टेज में है। लेकिन कोरोना का संक्रमण आगे न बढ़ने पर इसे लेकर सर्तक रहने की भी जरूरत है।
मुख्यमंत्री का कहना है कि शासन-प्रशासन की अपील के बाद कई तबलीगी जमात के लोग सामने आये है लेकिन अभी कुछ लोगों के छिपे होने की संभावनाएं भी है। उन्होने ऐसे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अभी भी सामने आने को तैयार होते है तो फिर उनके खिलाफ हत्या का प्रयास और हत्या के आरोपों में मुकदमें दर्ज किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक राज्य में जितने भी कोरोना के मामले सामने आये है उनमें से सिर्फ दो ऐसे मामले है जो पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा और पौड़ी से है। बाकी सभी 33 मामले चार मैदानी जिलों में सामने आये है। उन्होने कहा कि सरकार का अब पूरा फोकस इन्ही चार जिलों पर है। जिनमें देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंहनगर और नैनीताल है। उन्होने कहा कि इन 35 मामलों में से 28 तबलीगी जमात से जुड़े हुए है। उन्होने कहा कि जरूरत इस बात की है कि हम जाति और धर्म से ऊपर उठकर सोचें और कोरोना से सब मिलकर लड़े तभी इस लड़ाई को जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लाकडाउन को 16-17 दिन का समय हो गया है। तमाम बुद्धिजीवियों द्वारा सलाह दी जा रही है कि अभी लाकडाउन को हटाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के बयान से यह साफ हो गया है कि राज्य में लाकडाउन की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वह लाकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शासन-प्रशासन की मदद करें।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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