देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी जिलाधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान किया है। यह अधिकार आगामी 31 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की ओर से जारी अधिसूचना के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत राज्य के सभी जिलाधिकारी आवश्यक परिस्थितियों में अपने विवेक के आधार पर एनएसए के अंतर्गत कार्रवाई कर सकेंगे। अब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ एनएसए लगाने के लिए जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद गृह विभाग के माध्यम से राज्यपाल की अनुमति आवश्यक होती थी। नई व्यवस्था के तहत जिलाधिकारियों को सीमित अवधि के लिए प्रत्यक्ष अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिससे संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लिया जा सके। अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा 3(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह अधिकार सौंपा गया है। शासन का मानना है कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने तथा समुदाय के लिए आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक है। सरकार के अनुसार, यह निर्णय राज्य के विभिन्न जनपदों में संभावित सुरक्षा चुनौतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, एनएसए के तहत की गई कार्रवाई की सूचना और संबंधित अभिलेख निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। यह आदेश 31 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद आवश्यकता के अनुसार इसकी समीक्षा की जा सकती है। Post navigation 1996 में खत्म हुए उर्दू अनुवादक-कनिष्ठ लिपिक के पद पर 2026 में भी नौकरी कर रहे कर्मचारी वीकेंड ट्रैफिक प्लान लागू: मसूरी, चकराता और ऋषिकेश जाने वाले पर्यटकों के लिए नए रूट तय