रुद्रप्रयाग/चमोली। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम का अचानक बदला मिजाज कई परिवारों के लिए दर्दनाक साबित हुआ। दोपहर बाद शुरू हुई तेज आंधी, तूफान, बारिश और घने कोहरे ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि ट्रैकिंग मार्गों पर चल रहे कई पर्यटक और स्थानीय लोग बीच रास्ते में फंस गए। मौसम की इस अप्रत्याशित मार ने न केवल लोगों में दहशत फैला दी, बल्कि एक बड़ा हादसा भी हो गया, जिसमें लखनऊ के दो सगे भाइयों की जान चली गई।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग के अनुसार शुक्रवार शाम करीब 4:17 बजे डायल-112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में अचानक आए तेज तूफान और खराब मौसम के कारण कई लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया और तत्काल डीडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया।

मौसम लगातार खराब होता जा रहा था और पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं के साथ दृश्यता भी बेहद कम हो गई थी। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद राहत एवं बचाव दलों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए अभियान शुरू किया। दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बीच रेस्क्यू टीमों ने फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर तय किया। बचाव अभियान के दौरान डीडीआरएफ की टीम ने दो गंभीर रूप से घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जहां से उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया।

इस दर्दनाक हादसे में लखनऊ निवासी दो सगे भाइयों अभिषेक वाजपेई और अभिनव वाजपेई पुत्र सजीत वाजपेई की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों भाई अपने साथियों के साथ तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र घूमने आए थे, लेकिन अचानक आए तूफान और प्रतिकूल मौसम की चपेट में आ गए। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई।

वहीं, हादसे में लखनऊ निवासी राजन मिश्रा और उन्नाव निवासी शुभम शुक्ला घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। राहत की बात यह रही कि बचाव दलों की त्वरित कार्रवाई के चलते कई अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया।

ऊखीमठ थाना प्रभारी मनोज नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण अचानक आया तेज तूफान और खराब मौसम सामने आया है। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि इन दिनों तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम के अचानक बदलने से सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जा सकते हैं।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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