देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों को समाप्त करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि विकास प्राधिकरण जिस उद्देश्य से शुरू किये गये हैं वे उन उद्देश्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं । मुख्यमंत्री ने इस पर समुचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने बताया कि विगत दिनों प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों ने शिकायत की, कि प्राधिकरणों द्वारा जनता को परेशान किया जा रहा है और कार्यों में सरलता के स्थान पर उन्हें और अधिक विषम बनाया जा रहा है । कई स्थानों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई । श्री भगत ने बताया कि इन सब बातों पर विचार के उपरांत यह अनुभव किया कि इन प्राधिकरणों के बने रहने का कोई औचित्य नहीं है । इसलिए उन्होंने जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाक़ात एक ज्ञापन सौंपा इन प्राधिकरणों को समाप्त करने और उनके स्थान पर जनहित में जन कल्याणकारी व्यवस्था को स्थापित करने का अनुरोध किया है । उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मुख्यमंत्री ने विषय की गंभीरता को समझते हुए इस संबंध में समुचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है। श्री भगत ने कहा कि प्राधिकरण गठन का मुख्य उद्देश्य नियोजित विकास करना था और नियमों को सही रूप में लागू करना था । जिससे जनता को सुविधा मिल सके और प्राधिकरण के क्षेत्र में समेकित विकास हो सके । लेकिन विगत दशकों में यह प्राधिकरण इन उद्देश्यों को पूरा नहीं कर सके हैं । इनकी कार्यप्रणाली भी इस प्रकार की है जिसमें जनता को कोई सुविधा नहीं मिलती,अपितु लोग प्राधिकरणों के चक्कर काटते रहते हैं। उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस बारे में उचित कार्यवाही करेंगे और प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करेंगे। Post navigation बद्रीनाथ-केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के अंदर पूरा करने के निर्देश उत्तराखण्डः राष्ट्रीय खेलों के ढांचागत विकास के लिए 29 करोड़ 88 लाख 664 जारी