रुड़की। सिविल अस्पताल में बीती रात भीड़ ने अस्पताल में तैनात डॉक्टर को मारने की कोशिश की। डॉक्टर का कहना है उसने भागकर भीड़ से अपनी जान बचाई। डॉक्टर ने गंगनहर कोतवाली में मामले में लिखित शिकायत करने की बात कही है। सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में सोमवार रात डॉ. विरेंद्र की तैनाती थी। डॉ. विरेंद्र ने बताया कि रात को कुछ एक मरीज को लेकर पहुंचे। चेकअप करने पर वह मृत था। डॉक्टर ने बताया कि मृतक के साथ आए लोगों ने इलाज न मिलने पर उसकी मौत की बात कहनी शुरू कर दी। डॉ. विरेंद्र का कहना है कि अस्पताल लाने से पहले मरीज ही मर चुका था। डॉक्टर का आरोप है कि लोगों ने उनकी एक न सुनी और धक्का मुक्की करनी शुरू कर दी। बताया कि लोगों से भागकर उन्होंने अपनी जान बचाई। गंगनहर प्रभारी निरीक्षक राजेश साह का कहना है कि इस प्रकार की कोई शिकायत अभी नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। Post navigation राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने उत्तराखण्ड में पोषण अभियान की हरिद्वार से की शुरुआत 67 अवैध अतिक्रमणों का ध्वस्तीकरण किया गया