-यात्री रहे परेशान, केदारघाटी में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रही बाधित
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ हाईवे केदारघाटी के अलावा केदारघाटी की लाइफ लाइन है, लेकिन जब से आल वेदर रोड़ का कार्य शुरू हुआ है तब से केदारघाटी की लाइफ-लाइन जनता के लिये मुसीबत बन गई है। पहले तो केदारनाथ हाईवे बरसात में ही बंद होता था, लेकिन इन दिनों बारिश ना होने के बावजूद भी हाईवे की पहाड़ियां दकर रही हैं और घंटों तक आवाजाही प्रभावित हो रही है। आल वेदर रोड़ के तहत हाईवे की कटिंग मानकों के अनुसार नहीं की गई है। कई स्थानों पर हाईवे की पहाड़ियों को काटकर ऐसे ही छोड़ा गया है। नीचे से सुरक्षा दीवारे नहीं दी गई हैं। जिस कारण जगह-जगह पहाड़ियां दरक रही हैं।
केदारनाथ हाईवे पर बांसबाड़ा की बात करें तो जब से बांसबाड़ा में आल वेदर रोड़ का कार्य शुरू हुआ है, तब से प्रत्येक सर्दी, गर्मी हो या बरसात प्रत्येक दूसरे दिन बांसबाड़ा में हाईवे बंद हो रहा है। बांसबाड़ा 2013 की आपदा में डेंजर जोन बनकर उभरा था, समय पर इस डेंजर जोन का ट्रीटमेंट नहीं किया गया और प्रत्येक वर्ष यह जोन ओर भी खतरनाक हो गया। आल वेदर रोड़ की कटिंग होने के बाद यह डेंजर जोन लंबे क्षेत्र में फैल गया है। पूर्व में बांसबाड़ा में पहाड़ी टूटने से आठ मजदूरों की मौते भी हो चुकी हैं। जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। मानसून सीजन शुरू होने से लेकर अब तक आये दिन बांसबाड़ा में पहाड़ी लगातार दरक रही है। जिस कारण दिक्कतें पैदा हो रही हैं। शनिवार सुबह को भी बांसबाड़ा में पहाड़ी दरक गई। जिस कारण हाईवे पर 7 घंटे से अधिक समय तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। छोटे वाहन तो वैकल्पिक मार्ग से चले गये, लेकिन बस एवं जरूरी सामान से लदे ट्रक हाईवे पर ही फंस रहे। 7 घंटे तक हजारों यात्री वाहनों के अंदर ही धूप और गर्मी से तपते रहे। जबकि केदारघाटी के अनेक बाजारों में समय पर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पाई। हाईवे को खोलने में दो-दो जेसीबी मशीने लगी हुई थी, लेकिन लगातार मलबा गिरने से हाईवे को खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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