हरिद्वार। जिले में स्थित परमार्थ आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी चिन्मयानंद सलाखों के पीछे हैं। शाहजहांपुर (यूपी) के लॉ कॉलेज की छात्रा द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद से स्वामी चिन्मयानंद जेल में बंद हैं। वहीं पुलिस ने निष्पक्ष जांच करते हुए आरोप लगाने वाली छात्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। मामले में हरिद्वार स्थित परमार्थ आश्रम में साधु-संतों ने इकट्ठा होकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साधु-संतों ने मामले को स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। स्वामी चिन्मयानंद के शिष्य स्वामी सर्वेश्वरानंद ने कहा कि अभी तक सिर्फ एक पक्ष की ही बात सामने आई है। स्वामी जी के पक्ष की बात भी लोगों के सामने जानी चाहिए। स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ कई कारणों से षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद यूपी के शाहजहांपुर लॉ कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाने का प्रयास कर रहे थे। इसके लिए उनकी बात सीएम योगी आदित्यनाथ से भी चल रही थी, लेकिन इसमें भी कई लोग अड़ंगा लगाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यन, राम मंदिर और विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़े हुए हैं। स्वामी सर्वेश्वरानंद का आरोप है कि बीजेपी के संत बीजेपी और राम मंदिर से जुड़े नाम को बदनाम करने से दूसरी पार्टियों को फायदा मिलेगा, इसलिए यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है। कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे को तुरंत भुनाने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आएगी सब गायब होना शुरू हो जाएंगे। Post navigation पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने किया टिहरी बांध का भ्रमण छेड़छाड़ का विरोध करने पर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, कई लोग घायल