देहरादून। जनता कर्फ्यू में यातायात सुविधाएं बंद होने से दूसरे प्रदेश और जिलों से आए यात्रियों को भी मुश्किलों का सामना करना पडा। ऋषिकेश में यूपी से आए लोगों को वापस भेजने के लिए रोडवेज ने एक अतिरिक्त बस का इंतजाम कर उन्हें वापस भेजा। राज्य के बाकी हिस्सों में यात्रियों की संख्या काफी कम रही। स्थानीय स्तर पर विक्रम-टैंपों न मिलने पर लोगों को घर जाने के लिए अपने परिजनों को स्टेशन बुलवाना पडा। रोडवेज के जीएम-आपरेशन दीपक जैन ने बताया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में अतिरिक्त बस लगाने की आवश्यकता नहीं पडी।
हरिद्वार में जनता कर्फ्यू के चलते अहमदाबाद, उदयपुर समेत कई राज्यों से आई ट्रेनों से उतरने के बाद यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ी। होटलों में कमरें देने से मना कर दिया। जबकि बस अड्डे पर भी खड़ा नहीं होने दिया। इनमें अधिकतर युवा मैनेजमेंट कोर्स करके लौटे हैं। बस अड्डे पर भी यात्री आराम करते रहे। अधिकतर यात्रियों के पास खाने की व्यवस्था भी नहीं हैं। आसपास के सभी ढ़ाबे और रेस्टोरेंट भी बंद हैं। हरिद्वार उतरने के बाद अधिकतर यात्रियों को देहरादून और कोटद्वार, चमोली आदि जगहों पर जाना था। रुडकी में बहुत ही सीमित संख्या में यात्री ट्रेनों से आए। दोपहर 1 बजे तक केवल 42 यात्री ही स्टेशन पर उतरे। ई-रिक्शा, टेंपो घोड़ा बुग्गी का संचालन बंद रहा। अधिकतर यात्रियों के परिजन उनको लेने के लिए पहुंचे स्टेशन। सभी यात्रियों की जांच की गई। रुद्रप्रयाग में  दिल्ली से आए होटल में काम करने वाले करीब 50 से अधिक युवाओं को घंटों मुश्किलों का सामना करना पड़ा। काफी देर तक वो बाजार में ही भटकते रहे। पौडी में पाबौं बाजार में दिल्ली से अपने गांव लौट रहे युवक को पुलिस ने स्वास्थ्य परीक्षण कर अपने वाहन से उसके घर भिजवाया।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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