गिरिडीह (हि.स.)। झारखंड के गिरिडीह-जमुई के सीमावर्ती क्षेत्र भेलवाघाटी में सीआरपीएफ और पुलिस के हत्थे चढ़े नक्सली प्रेम सोरेन और सुनील हेम्ब्रम जमुई के जोनल कमांडर सिद्धु कोड़ा दस्ते के सदस्य हैं। पुलिस व सीआरपीएफ ने दोनों माओवादियों को विस्फोटक और देशी कट्टा के साथ गिरफतार किया है।

जानकारी के अनुसार प्रेम और सुनील आपस में रिश्ते के भाई भी हैं, जो कई सालों से सिद्धु कोड़ा दस्ते के सदस्य के रुप में जुड़े हुए थे। सर्च परेशन टीम ने दोनों माओवादियों के पास से देशी कट्टा के साथ 54 राउड जिंदा कारतूससात पीस डेटोनेटर, तार, सवा किलो विस्फोटक के साथ बाइक बरामद की गयी है। दोनों माओवादियों ने स्वीकार किया कि भेलवाघाटी व जमुई के इलाके के जंगल में सिद्धु कोड़ा का साथ बैठक कर लौट रहे थे।

रविवार को गिरिडीह के देवरी थाना में प्रेसवार्ता कर एसडीपीओ राजीव कुमार और सीआरपीएफ के सहायक कमांडेट अजय कुमार ने बताया कि सीआरपीएफ के सहायक कमांडेट अजय कुमार और भेलवाघाटी थाना प्रभारी मो. जलालुदीन ने गुप्त सूचना के आधार पर एलआरपी के दौरान जमुई के चकाई थाना क्षेत्र के राजाडुमर गांव निवासी प्रेम सोरेन और चकाई के राखवा टोला निवासी सुनील हेम्ब्रम को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ व सहायक कमांडेट ने बताया कि प्रेम सोरेन सिद्धु कोड़ा दस्ते का सदस्य है। जबकि सुनील की पहचान गिरिडीह-जमुई में एक हार्डकोर माओवादी के रूप में है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो सिद्धु कोड़ा दस्ते को दोनों माओवादी राशनपानी सप्ला करते थे। इसके लिए सिद्धु कोड़ा दस्ता द्वारा दोनों माओवादी को राशि का भुगतान किया जाता था

हिन्दुस्थान समाचार

By उत्तराखंड संवाद भारती

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