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मप्र में लव जिहाद के विरुद्ध कानून

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को लव जिहाद के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा बनाया गया धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2021 पारित हो गया।

मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गत एक मार्च को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह विधेयक चर्चा के लिए पटल पर रखा था। विधानसभा में इस पर सोमवार को चर्चा हुई।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश के माध्यम से 9 जनवरी 2021 को धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2021 राज्य में 6 माह की अवधि के लिए लागू किया था। इस कानून में प्रलोभन देकर, बहलाकर, बलपूर्वक या मतांतरण करवाकर विवाह करने या करवाने वाले को एक से 10 साल के कारावास और अधिकतम एक लाख रुपये तक से दंडित करने का प्रावधान है। इस कानून के लागू होने के बाद से लेकर अब तक प्रदेश में 23 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें भोपाल संभाग में सात, इंदौर में पांच, जबलपुर व रीवा में चार-चार और ग्वालियर में तीन मामले दर्ज हुए हैं।

बता दें कि विधानसभा में पारित होने के बाद अब धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 को खत्म माना जाएगा। इसकी जगह नया कानून ले लेगा। कानून में खास बात यह है कि स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति और उसका धर्म परिवर्तन कराने वाले धार्मिक व्यक्ति को जिला कलेक्टर को 60 दिन पहले सूचना देना जरूरी होगी। कानून के तहत अब कोई भी व्यक्ति दुर्भावना, प्रलोभन धमकी, बल प्रयोग, उत्पीडऩ या अन्य कपट पूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन या धर्म परिवर्तन के लिए दबाव नहीं डाल सकेगा। इस तरह से करने वाले व्यक्ति के दबाव को षड्यंत्र माना जाएगा। नये कानून में प्रावधानों में धर्म परिवर्तन के अपराध में पीडि़त महिला और पैदा होने वाले बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी तय की गई है। पैदा हुए बच्चे को पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार बरकरार रखने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

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