उत्तराखंड

प्रदेश में 13 जुलाई तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान

देहरादून। मौसम विज्ञान केंद्र ने 13 जुलाई तक लगातार बारिश का पूर्वानुमान घोषित किया है। प्रदेश में शनिवार से ही उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग द्वारा छह जुलाई से आठ जुलाई तक भी प्रदेश के विभिन क्षेत्रों में हल्की, मध्यम और तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लेकिन नौ जुलाई से 12 जुलाई तक इसमें और तेजी आएगी। खासकर चारधाम यात्रा रूट वाले गढ़वाल रीजन में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे उत्तराखंड में मॉनसून ने और मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब तक हुई बारिश से पूरे प्रदेश में 80 विलेज मोटर मार्ग मलबा आने और भू-स्खलन से बंद पड़े हुए हैं। दूसरी ओर,  पूरे प्रदेश में 726 मोटर मार्ग आपदा की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इन मार्गों के बंद होने की सूरत में 579 मोटर मार्ग वैकल्पिक तौर पर चिन्हित किए गए हैं। और यदि ये मार्ग भी बाधित होते हैं तो 46 मोटर मार्ग तीसरे नंबर पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर होंगे। इसके अलावा राज्य भर में एसडीआरएफ की चार टुकड़िया तैनात की गई हैं, जो प्रदेश भर में संवेदनशील 32 स्थानों पर तैनात रहेंगी।
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भारी बारिश ने शुरू किया कहर बरपाना
देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार देर रात से ही पहाड़ से मैदान तक बारिश हो रही है। मैदानी इलाकों में जहां मानसून की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई वहीं, पहाड़ी इलाकों में मानसून अभी से कहर बरपा रहा है। रामनगर, नैनीताल, काशीपुर के साथ ही राजधानी देहरादून समेत आस पास के क्षेत्रों में भी बारिश से तापमान में गिरावट आई है।
आंधी-तूफान से पेड़ भी गिर रहे हैं। पहाड़ी से भूस्खलन होने से कई जगह रास्ते बंद हैं। मलबा आने से लोगों के घरों में पानी भी घुस गया है। उधर, पिंडर और अलकनंदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हरिद्वार में रविवार सुबह तेज बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं, कनखल के लाटो वाली कॉलोनी में भी पानी भरा गया है। बारिश के कारण चंडी देवी के पहाड़ से पत्थर भी गिर रहे हैं। इसके चलते रास्ता बंद हो गया है। वहीं, भवाली अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौरासी के पास घास काटकर कोसी नदी पार कर रही तीन महिलाएं पानी के तेज उफान में बहने से लापता हो गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और भवाली कोतवाली समेत खैरना चैकी पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने मिहलाओं की खोजबीन शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
भारी बारिश से दूसरे दिन भी बंद रहा बदरीनाथ हाईवे
टिहरी। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग शनिवार को रात हुई भारी बारिश के कारण दूसरे दिन भी कई जगह बाधित रहा। एनएच प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर राजमार्ग सुचारु कराया। हाईवे बंद होने की स्थिति में कई वाहनों को गजा-चाका मोटरमार्ग से होते हुए ऋषिकेश की ओर से रवाना किया गया।बीते शनिवार रात्रि हुई भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे तोता घाटी, साकनीधार, तीनधारा के पास बाधित रहा। सड़क पर भारी बोल्डर व चट्टानी मलबा आने से कई देर तक वाहनों को जाम में फंसा रहना पड़ा। एनएच प्रशासन की ओर से सुबह तड़के से ही पोकलैंड व जेसीबी मशीनें लगाकर सुबह 9 बजे तक किसी तरह यातायात सुचारु कराया गया। हाईवे बंद के दौरान पुलिस प्रशासन ने ऋषिकेश की ओर जाने वाले कई वाहनों को गजा-चाका मोटरमार्ग से उनके गंतव्य तक भेजा। राजमार्ग बाधित होने से क्षेत्र में अखबार, दूध, सब्जी, ब्रेड आदि की आपूर्ति भी प्रभावित रही। वाहनों की दोनो ओर लगी लंबी कतार से जाम की स्थिति बनने से पुलिस को दूसरे दिन भी यातायात सुचारु करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। थाना प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि रात को राजमार्ग पर पत्थर गिरने के अंदेशे के चलते वाहनों को पहले ही रोक दिया गया था। जिससे किसी अप्रिय घटना होने से बचा जा सके। रोड़ बंद होने पर कई वाहनों को वैकल्पिक मार्ग गजा चाका से होते हुए रवाना किया गया।

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