उत्तरकाशी। वीडियो कॉल के माध्यम से केंद्रीय नमामि गंगे व जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश वर्तमान में विश्व व्यापी आपदा से गुजर रहा है। इस महामारी से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से समूचा विश्व प्रभावित है। दुनियां आज भारत की ओर टकटकी लगाए बैठी है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि आज देशवासी अपने व्यवहार से इस महामारी पर विजय हासिल कर सकते हैं। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए गंगा पर किये जा रहे सभी तरह की निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। इन प्रयासों को दोबारा कैसे शुरू करें इस पर मंथन के लिए आज केंद्रीय नमामि गंगे व जलशक्ति मंत्री ने केंद्रीय नमामि गंगे व जलशक्ति राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया के साथ भारत सरकार के सचिव यू पी सिंह के साथ नमामि गंगे के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा को साथ लेकर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल के गंगा विचार मंच के प्रान्त संयोजकों, सह संयोजकों व जिला संयोजकों से गंगा स्वच्छता कार्यक्रम के बारे में बातचीत की। दरअसल पूरे देश मे कोरोना आपदा के चलते गंगा को स्वच्छ, निर्मल व प्रदूषण मुक्त करने के लिए किए जा रहे सभी तरह के निर्माण कार्य व स्वच्छता जनजागरण के कार्यक्रम बी बंद पड़े हैं, इनको दोबारा कैसे शुरू किया जाय इस पर मंथन को लेकर नमामि गंगे मंत्रालय ने इस मीटिंग का आयोजन किया। नमामि गंगे मंत्रालय व राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के साथ गंगा विचार मंच देशभर में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए स्वच्छता व जनजागरण के कार्यक्रम चलाता है। भारत सरकार के गंगा स्वच्छता के सभी तरह के आयोजित वृक्षारोपण , स्वच्छता पखवाड़ा, गंगा चैपाल, व दूसरे सभी तरह के जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि शीघ्रता से नमामि गंगे के अधूरे कार्यों को शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषण मुक्त व अविरल बहाने के लिए सभी सहायक नदी नालों को भी स्वच्छ करना होगा। और अविरलता के लिए जनजागरण और जागरूकता जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के संदेश को याद रखकर कि गंगा इस देश की आस्था के साथ आर्थिकी का मूल आधार है। इसी बात को मध्यनजर रखते हुए गंगा विचार मंच भी आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने कहा कि गंगा विचार मंच की जिले में मासिक, राज्य में त्रैमासिक व देश मे वार्षिक बैठकें आयोजित करनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि गंगा विचार मंच के अभी तक के किये जा रहे प्रयासों पर एक रिपोर्ट जारी हो। Post navigation चारधाम परियोजना और पॉवर प्रोजेक्ट सहित कई कामों में आई तेजी अप्रैल में भी बह रहे हैं मार्च में सूखने वाले जलस्रोत