देहरादून। प्रदेश में कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की नई रणनीति से सैंपलों की वेटिंग कम हुई है। वहीं, प्रदेश की सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच का दबाव कम हुआ है। एनसीडीसी दिल्ली, चंडीगढ़ स्थित पीजीआई और एक निजी लैब से प्रदेश के सैंपलों की जांच कराई जा रही है। एक सप्ताह पहले जांच के लिए भेजे गए कोविड सैंपलों की वेटिंग सात हजार से अधिक पहुंच गई थी। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग के नई रणनीति बनाई। वर्तमान में दून, श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज, एम्स ऋषिकेश, आईआईपी और एक निजी पैथोलॉजी लैब में कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है।
प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ाने से जांच के लिए सैंपलों का बैकलॉग बढ़ गया था। जिससे संदिग्ध लक्षण वाले मरीज की रिपोर्ट देरी से मिल रही थी। सरकार ने एनसीडीसी, पीजीआई चंडीगढ़ और सीएसआईआर इम्टेक प्राइवेट लैब से भी सैंपलों की जांच कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद इन संस्थानों से भी जांच कराई जा रही है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में सैंपलों की वेटिंग कम हो रही है। प्रदेश से बाहर भी सैंपलों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आईवीएसआर मुक्तेश्वर में सैंपलों की जांच शुरू की जाएगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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