देहरादून। विजयदशमी पर रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। दशहरा पर्व पर परेड मैदान में राम और रावण युद्ध के बाद शाम साढे छह बजे रावण का पुतला दहन हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा का पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। रावण अधर्म का प्रतीक था जिसका विनाश हुआ।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत परेड मैदान में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी के दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दशहरा भारतीय परंपरा का पर्व है, जो हमें संदेश देता है कि समाज में जहां भी बुराई नजर आए उसे दूर करना चाहिए। अच्छा इंसान बनकर ही हम अच्छे समाज और देश के निर्माण में सहभागी बन सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, दशहरा भगवान राम की लंका पर विजय से जुड़ा पर्व भी है। राम ये भारतीय संस्कृति और आदर्शता के प्रतीक है। वहीं, बन्नू बिरादरी के संरक्षक हरीश विरमानी ने बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी को सीएम के 1.50 लाख की धनराशि दिए जाने पर उनका आभार जताया। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा ने दशहरे की बधाई देते हुए सभी से देहरादून को प्लास्टिक मुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लेने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण के लिए बहुत ही नुकसान दायक है। इससे मुक्ति पाना समाज के व्यापक हित में है। दशहरा कमेटी प्रेमनगर की ओर से 55 फीट के रावण का पुतला दहन किया गया। शाम 6 बजे सोने की लंका, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान आतिशबाजी मुख्य आकर्षण रही। सेवा कुंज समिति पटेल नगर की ओर से 22 वें दशहरा महोत्सव पर 45 फीट के रावण का पुतला दहन किया। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में समिति की ओर से भजन संध्या आयोजित की गई। जिसमें लुधियाना से दीपक गौगना की टीम भजनों की प्रस्तुति दी। दशहरा मेले को लेकर परेड ग्राउंड में सुरक्षा चाक-चैबंद रही। गत वर्ष दशहरा मेले के दौरान भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इसे देखते हुए आला अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।




