देश का पहला ‘क्रिप्टोगैमिक’ उद्यान चकराता क्षेत्र के देवबन

देहरादून। शैवाल, मॉस, लाइकेन, फर्न और कवक जैसे ‘क्रिप्टोगैम’ उगाने का भारत का पहला ‘क्रिप्टोगैमिक उद्यान’ का रविवार को देहरादून जिले में चकराता क्षेत्र के देवबन में उद्घाटन किया गया। मुख्य वन संरक्षक (शोध) संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि यहां 9000 फुट की ऊंचाई पर ‘क्रिप्टोगैमिक’ पौधों की करीब 50 प्रजातियां उगाई गई हैं।

मुख्य वन संरक्षक (शोध) संजीव चतुर्वेदी ने कहा कि ‘‘हमने उद्यान के लिए देवबन में तीन एकड़ से ज्यादा भूमि को प्रदूषण स्तर कम होने तथा नम दशाओं के कारण चुना जो इन प्रजातियों के पौधों के उगने में सहायक हैं।’’ देवबन में देवदार और शाहबलूत वृक्षों घने जंगल हैं जो ‘क्रिप्टोगैमिक’ या पुष्पहीन प्रजातियों के उगने के लिए प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि शैवाल, मॉस, लाइकेन, फर्न और कवक जैसे ‘क्रिप्टोगैम’ को उगने के लिए नम दशाओं की जरूरत होती है। क्रिप्टोग्राम की 539 प्रजातियों, शैवाल की 346 प्रजातियों, ब्रायोफाइट्स की 478 प्रजातियों और टेरिडोफाइट्स की 365 प्रजातियों के साथ क्रिप्टोग्राम के मामले में उत्तराखंड एक समृद्ध राज्य है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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