नई दिल्ली। तीरथ कैबिनेट ने आज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुहर लगाई। बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में 14 पदों पर निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को  कैबिनेट बैठक हुई।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि सरकार ने कोविड से अनाथ हुए बच्चों के लिए ‘वात्सल्य योजना’ को मंजूरी दे दी है। बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत वात्सल्य योजना मार्च 2020 से मार्च 2022 तक लागू रहेगी, इसके अंतर्गत जिस बच्चे के माता-पिता अथवा संरक्षक की मृत्यु होने पर उस बच्चे को 21 वर्ष तक 3000 रूपये प्रति माह निःशुल्क राशन, शिक्षा इत्यादि की सुविधा दी जायेगी। कहा कि बच्चों के भरण-पोषण के लिए सरकार गंभीर है और कोविड अनाथ बच्चों को पूरा ख्याल रखा जाएगा।

पूर्व जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग, बैंक संबंधित ऋण प्राप्त करने के लिए यदि अपना नक्शा पास कराना चाहते हैं तो जिला विकास प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं, अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं है।

शिल्पकार प्रोत्साहन योजना को 05 वर्ष तक बढ़ाने का फैसला भी लिया है। इसके अंतर्गत 25 शिल्पकारों को 01 लाख रूपये का पुरूस्कार दिया जायेगा। कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन का व्यापक उद्योगों पर पड़ा है, जिसकी भरपाई के लिए सरकार 228 करोड़ 99 लाख रूपये पर्यटन व्यवसायियों को दिया जायेगा। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों को 2500 रूपये प्रतिमाह की दर से 02 माह के लिये 5 हजार रूपये प्रति कार्मिक को एक मुश्त आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से दिया जायेगा। इसकी धनराशि 2500 लाख होगी। वहीं, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत होम स्टे योजना में 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक ऋण लेने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति की जाएगी जिसकी धनराशि 200 लाख होगी।

उत्तराखंड में पंजीकृत 631 राफ्टिंग गाइडों को 10 हजार रूपये प्रति गाइड दिया जायेगा, जिसके लिए सरकार ने 63.10 लाख की धनराशि का प्रावधान किया है। कैबिने मंत्रियों ने काफी विचार-विमर्श के बाद बदरीनाथ में 100 करोड़ लागत से बाढ़ नियंत्रण हेतु वेबकास्ट को कार्यदायी संस्था बनाने का  निर्णय लिया है। तीरथ मंत्रिमंडल ने हरिद्वार होटल अलकनन्दा के पुनर्निर्माण में आरोपित शुल्क 50 लाख 76 हजार 335 रूपये में से लेबर सेस निकालकर 39 लाख 62 हजार 492 रूपये, मानचित्र स्वीकृत में आरोपित शुल्क छूट करने का फैसला लिया है। बताया कि सरकार का पर्यटन पर विशेष फोकस है। इसी के मद्देनजर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें भी कम की जाएंगी।

उत्तरकाशी के तेखला में न्याय विभाग की आवासीय भवन तथा विश्वनाथ मंदिर के पास लोक निर्माण के आवासीय भवन का भूमि स्थानांतरण न्याय विभाग को करने का निर्णय किया गया।  केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान पर भी तीरथ सरकार ने गंभीरता से विचार किया है। मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि पुनर्निर्माण के अंतर्गत प्रशासनिक भवन कमांड कंट्रोल इत्यादि के लिये भूमि की आवश्यकता को देखते हुए पुराने गढ़वाल विकास निगम के 08 भवनों को ध्वस्तीकरण की अनुमति दी गई।

कैबिनेट ने इन महत्वपूर्ण  प्रस्तावों को दी गई मंजूरी:

  1.  कोविड प्रभाव को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत वात्सल्य योजना को मंजूरी। यह मार्च 2020 से मार्च 2022 तक लागू रहेगी, इसके अंतर्गत बच्चे के माता-पिता अथवा संरक्षक की मृत्यु होने पर उस बच्चे को 21 वर्ष तक 3000 रुपये प्रति माह, निःशुल्क राशन, शिक्षा इत्यादि की सुविधा दी जाएगी।

  2. शिल्पकार प्रोत्साहन योजना को 05 वर्ष तक बढ़ाने का निर्णय। इसके अंतर्गत 25 शिल्पकारों को 01 लाख का पुरस्कार दिया जाएगा।

  3. कोविड प्रभाव में उद्योगों के नुकसान की भरपाई के लिये 28 करोड़ 99 लाख रुपये पर्यटन व्यवसायियों को दिया जाएगा।

  4. सोहन सिंह जीना आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान अल्मोड़ा के कालेज परिसर एवं संबद्ध गोवर्धन तिवारी राजकीय बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा के अवशेष चालू कार्य उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम करेगा, जबकि नये कार्य पेयजल निर्माण निगम करेगा।

  5. उत्तराखण्ड साहुकारी विनियमन नियमावली 2018 को मंजूरी।

  6. केदारनाथ पुनर्निर्माण मास्टर प्लान के अंतर्गत प्रशासनिक भवन कमांड कंट्रोल इत्यादि के लिए भूमि की आवश्यकता को देखते हुए पुराने गढ़वाल विकास निगम के 08 भवनों को ध्वस्तीकरण की अनुमति दी गई।

  7. बदरीनाथ में 100 करोड़ की लागत से बाढ़ नियंत्रण हेतु वेबकास्ट को कार्यदायी संस्था बनाया जाएगा।

  8. होटल अलकनन्दा (हरिद्वार) के पुनर्निर्माण में आरोपित शुल्क 50 लाख 76 हजार 335 रुपये में से लेबर सेस निकालकर 39 लाख 62 हजार 492 रुपये किया गया।

  9. पूर्व जिला विकास प्राधिकरण के बाहर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बैंक संबंधित ऋण प्राप्त करने के लिए यदि अपना नक्शा पास कराना चाहते हैं तो जिला विकास प्राधिकरण में आवेदन कर सकते हैं, अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं है।

  10. उत्तरकाशी के तेखला में न्याय विभाग के आवासीय भवन तथा विश्वनाथ मंदिर के पास लोक निर्माण के आवासीय भवन का भूमि स्थानांतरण न्याय विभाग को करने का निर्णय किया गया।

  11.  राजकीय उद्योग से संबंधित शेड/भूखण्डों के आवंटन/निरस्तीकरण/स्थानांतरण/किराए का अधिकार जिलाधिकारी को दिया गया।

  12. अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर में ऊधमसिंह नगर के अंतर्गत समेकित निर्माण समूह बनाए जाने के लिए एक हजार एकड़ की भूमि 150 किमी के अंतर्गत कॉरिडोर के रूप में देने का निर्णय लिया गया।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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