जीवन में,
रंग भरने की निष्ठा
जीवन से,
रंग पाने की लालसा
जीवन संचय है,
उन रंगों का
जो..
हर अवस्था से भी नवश्रृंगार
करते हैं, खुशहाली देते है
अपनत्व की मिठास
ओर;.
अपनो को बहार देते हैं ।

ये रंग ही हैं, जो
जीवन को दशा और दिशा देते हैं ।
ये रंग ही हैं, जो
सोम से रवि तक
अपनी आभा बिखरते हैं ।
इन रंगों का वरण ही
निरन्तरता है…
ये रंग ही हैं, जो
अपनों की कु-दृष्टि से
प्रह्लाद को बचाते हैं ।
इसलिये, रंगों की आस्था
शाश्वत, पुरातन ओर..
सनातन है ।

-कौशल अरोड़ा (जयपुर)

By उत्तराखंड संवाद भारती

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