देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 इस बार श्रद्धालुओं की भारी आस्था और उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के मात्र 23 दिनों के भीतर ही चारों धामों—केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई है। लगातार खराब मौसम, बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। इसके बाद 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को भगवान बदरीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। कपाट खुलते ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उत्तराखंड पहुंचने लगा। केदारनाथ और बदरीनाथ में उमड़ रही भारी भीड़ यात्रा के शुरुआती दिनों से ही केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दोनों धामों में प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। खासकर केदारनाथ धाम में सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और हेलीकॉप्टर सेवाओं से लेकर पैदल मार्ग तक श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। बदरीनाथ धाम में भी भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। मौसम बना चुनौती, फिर भी नहीं डगमगाई आस्था इस वर्ष यात्रा के दौरान मौसम लगातार चुनौती बना हुआ है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश, बर्फीली हवाएं और तापमान में गिरावट के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। धामों में सुबह और रात के समय काफी ठंड महसूस की जा रही है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अडिग बनी हुई है। बारिश और ठंड के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर धामों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें भी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित तरीके से संचालित हो सके। अब तक कितने श्रद्धालु पहुंचे चारधाम? पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक: केदारनाथ धाम में 4.50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बदरीनाथ धाम में करीब 2.70 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। गंगोत्री धाम में 1.65 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं। यमुनोत्री धाम में 1.69 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की है। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर कुल संख्या 11 लाख से अधिक हो चुकी है। पंजीकरण का आंकड़ा 32 लाख के पार चारधाम यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक यात्रा पंजीकरण की संख्या 32.75 लाख तक पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। सरकार और पर्यटन विभाग यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, आवास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिल रहा बढ़ावा चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को भी बड़ा लाभ मिल रहा है। होटल, धर्मशालाएं, टैक्सी सेवाएं, घोड़ा-खच्चर संचालक, स्थानीय दुकानदार और छोटे व्यापारियों के व्यवसाय में तेजी आई है। यात्रा मार्गों पर रौनक बढ़ गई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। चारधाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की यह अभूतपूर्व संख्या यह दर्शाती है कि विपरीत मौसम परिस्थितियां भी लोगों की आस्था को कमजोर नहीं कर पा रही हैं। आने वाले हफ्तों में यात्रा और अधिक गति पकड़ने की संभावना है। Post navigation उत्तरकाशी की बेटी महक चौहान का भारतीय सीनियर महिला रग्बी टीम में चयन गढ़वाल के कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की टीम करेगी दौरा