ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए काफी प्रयासरत है। जिसके तहत एडवांस सेंटर ऑफ कंटीनीवस प्रोफेशनल डेवलपमेंट सीपीडी विभाग द्वारा मैकेनिकल वेंटीलेशन एंड क्रिटिकली इल पेसेंट्स एंड एडजक्स विषय पर वर्कशॉप आयोजित की गई। जिसके तहत फैकल्टी, रेजिडेंट्स चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को वेंटीलेटर मैनेजमेंट सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान भविष्य में कोरोना के मरीजों के लिए पूरी तरह तैयार है। जिसके चलते संस्थान में चिकित्सकों से लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स, सिक्योरिटी गार्ड्स और अन्य स्टाफ को हर स्थिति के निपटने के लिए प्रशिक्षित कर दक्ष बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या में अप्रत्याशितरूप से बढ़ोत्तरी होने पर भी एम्स ऋषिकेश उन्हें चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने को पूरी तरह से तैयार है। वहीं डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने प्रशिक्षुओं को पेसेंट केयर में वेंटीलेटर मैनेजमेंट की भूमिका पर व्याख्यान दिया। क्लिनिकल डिपार्टमेंट के चिकित्सकों को कोरोना वायरस जैसे गंभीर मरीजों के मैनेजमेंट और सुपरवीजन से संबंधित जानकारी दी। उन्हें सबसे पहले मरीजों में सांस संबंधी दिक्कतों की पहचान करने और उन्हें तत्काल राहत देने का प्रशिक्षण दिया गया।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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