देहरादून। केन्द्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्री (नरेन्द्र सिंह तोमर) द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक में राज्यों के कृषि मंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। इस बैठक में केन्द्रीय मंत्री द्वारा कृषि व कृषि क्षेत्र के उत्पादों के उपार्जन परिवहन के बारे में राज्यों से उनकी वर्तमान स्थिति, दिक्कतों व आगे की रणनीति पर बारीकी से सविस्तार चर्चा की गई। खास तौर पर कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित किये जाने के दृष्टिगत लॉकडाउन अवधि में कृषि व बागवानी क्षेत्र पर इसके असर की भी विवेचना की गई। कृषि क्षेत्र हमारी आर्थिकी का आधार है. फलतः इससे जुड़ी गतिविधियों को लॉकडाउन अवधि में दी गई छूट का राज्यों को लाभ दिये जाने के बारे में सविस्तार अवगत कराया गया। औद्यानिकी से जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन को कायम रखने के भी निर्देश दिये गये।
     इस अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य की ओर से कृषि एवं  उद्यान मंत्री (सुबोध उनियाल) द्वारा लॉकडाऊन अवधि में केन्द्र की सभी एडवाईजरी के परिपालन एवं राज्य व जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किये जाने की जानकारी दी गयी। साथ ही ऊधमसिंह नगर एवं हरिद्वार जिलों में तुड़ाई के लिए कामगारों की उपलब्धता की दिक्कत के बारे में केन्द्र का ध्यानाकर्षण किया गया। लॉकडाऊन अवधि में फूलों के व्यवसाय को हो रहे नुकसान का उल्लेख प्रमुख रूप से किया गया। इसके अतिरिक्त कतिपय मण्डियों में इस दौरान “सामाजिक दूरी“ बनाये रखने हेतु 15×10 मानक की सुरंग स्थापित किये जाने की जानकारी दी गयी, जो कि सेनिटाईजेशन में सहायक सिद्ध हो रही है। साथ ही च्मतपेंइसम प्जमउे पर मण्डी शुल्क नहीं लिया जा रहा है व मण्डी से सीधे मोबाईल वैन लगाई जा रही है। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में श्री ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिवध्कृषि उत्पादन आयुक्त, आर0 मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव, कृषि, उद्यान व विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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