हरिद्वार। ज्वालापुर में एंबुलेंस का सायरन बजाने पर बाइक सवार दो युवकों ने चालक की पिटाई कर दी। इसके बाद एंबुलेंस चालक मरीज सहित कोतवाली पहुंच गया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगा। मरीज की हालत नाजुक होने के कारण तीमारदार परेशान हो गए। उनका कहना था कि डेंगू पीड़ित को तुरंत उपचार की जरूरत है। लोगों ने बमुश्किल एंबुलेंस चालक को कोतवाली से अस्पताल रवाना किया।
पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर ईदगाह रोड निवासी कल्लन एंबुलेंस चालक है और कल्लन का बेटा भी एंबुलेंस चलाता है। रविवार की सुबह मोहल्ला पांवधोई में एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार बुजुर्ग को डेंगू हुआ है और उनकी प्लेटलेट्स लगातार गिरने के कारण तत्काल उपचार की जरूरत पड़ी। परिजन एंबुलेंस में मरीज को लेकर अस्पताल जा रहे थे। एंबुलेंस चालक कल्लन के बेटे ने भीड़ होने के चलते सायरन बजाया। इस पर बाइक सवार दो युवकों ने एंबुलेंस रोक ली और चालक के साथ मारपीट कर दी। उनका कहना था कि चालक खाली एंबुलेंस का सायरन बजाकर रास्ते से गुजरता है। हालांकि, जब उन्हें एंबुलेंस में मरीज होने का पता चला तो वह चुपचाप वहां से निकल गए। गुस्से में चालक ने एंबुलेंस को ज्वालापुर कोतवाली के बाहर ले जाकर रोक ली। वह पुलिस से मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की मांग करने लगा। इधर, एंबुलेंस के पीछे अपने वाहनों से चल रहे तीमारदार परेशान हो उठे। वह ड्राइवर को मनाने लगे कि पहले मरीज को अस्पताल पहुंचाए, बाद में आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कराए। लोगों ने बमुश्किल ड्राइवर को समझा बुझाकर अस्पताल भेजा। ज्वालापुर कोतवाल योगेश सिंह देव ने बताया कि खाली एंबुलेंस में सायरन बजाना गलत है, लेकिन मरीज अगर एंबुलेंस में है तो उसे पहले रास्ता देना चाहिए। लिखित तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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