उत्तराखंड

उत्तराखंड में बारिश का कहर, उत्तरकाशी में बादल फटा, जनजीवन अस्त-व्यस्त

देहरादून/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। देहरादून राजधानी सहित पर्वतीय क्षेत्रों में कल से लगातार बारिश हो रही। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के निकट  चार गांवों मांडो, निराकोट, पनवाड़ी और कंकराड़ी में देर रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। रात करीब 11 बजे गांवों में पहाड़ों, गदेरों और जलस्रोतों से भारी मात्रा में आए मलबे से कई घरों को खासा नुकसान पहुंचा। तीन लोग की मौत हो गई है।  एक ही परिवार के तीन लोगों के शव देर एसडीआरएफ और ग्रामीणों ने मलबे से  निकाल लिए हैं। मृतकों में दो महिलाएं व तीन साल की एक बच्ची शामिल है। जबकि 4 से 5 लोग लापता  बताए जा रहे है। मांडो गांव में भारी बारिश से मांडो गदेरा उफान पर आ गया, जिससे लोगों के घरों में पानी भर गया है।

 उत्तराखंड में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून के साथ ही पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी जिलों में कहीं कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। बारिश के कारण प्रदेश में लगभग 7 दर्जन सड़कें बंद है। वहीं राजधानी देहरादून के मालदेवता क्षेत्र में भी बादल फटने के समाचार है। देहरादून में लगातार हो रही बारिश के कारण कई घरों में पानी घुस गया है तथा कई नाले उफान पर है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि कंकराड़ी गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिल रही है। मांडो गांव के लगभग नौ घर मलबे की चपेट में आए हैं जिनमें कई लोगों और वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसटीएफ और पुलिस पहुंच गई है और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा निराकोट और पनवाड़ी में भी मलबा आने से खासा नुकसान पहुंचा है।

गांव के देवानंद भट्ट ने बताया कि देर रात पानी के तेज प्रवाह के साथ मलबा उनके घरों तक पहुंच गया। किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला क्योंकि मौसम खराब होने की वजह से ज्यादातर लोग घरों में ही थे। उनकी पत्नी, भाभी और तीन साल की भतीजी उनके घर के मलबे में दब गए हैं।

इसके अलावा मांडो गांव के आठ अन्य घरों में खासा नुकसान होने की बात कही जा रही है। फिलहाल किस घर में कितने लोग दबे हैं और संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है इसका ब्योरा नहीं मिल पाया है।

बताया कि ग्राम माण्डो में एसडीएम भटवाड़ी, एसडीआरएफ सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है। वहीं कंकराड़ी गांव के लिए एनडीआरएफ व तहसीलदार को रवाना किया गया है। एसडीआरएफ टीम ने घायलों को रस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया है। घायलों की पहचान गणेश बहादुर पुत्र काली बहादुर, रविन्द्र पुत्र गणेश बहादुर और रामबालक यादव पुत्र मकुर यादव के रूप में हुई है।  डीएम मयूर दीक्षित ने अस्प्ताल प्रशासन को सतर्क रहने के साथ ही  व्यवस्थानएं चाक चौबन्द रखने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रवंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया मांडो गांव में एक ही परिवार की दो महिला व एक बच्ची लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

 मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 20 को नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ जिलों में कहीं कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की संभावना, तीव्र बौछार, पहाड़ों में कोहरा, मैदानों में धुंध जैसा वातावरण रहेगा। पहाड़ों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन, चट्टान खिसकने, राजमार्ग अवरुद्ध रहने, नदी नालों में अतिप्रवाह व निचले इलाकों में जल भराव की संभावना है। राज्य में 21 और 22 को भी हल्की से मध्यम बारिश व कुछ हिस्सों में गर्जन के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, फिलहाल मौसम में परिवर्तन नहीं दिख रहा है।

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