देहरादून। उत्तराखंड में आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए पैसा वसूला जा रहा है, ऐसे निजी अस्पतालों को अब पैसा वापस लौटाना होगा। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को इस बावत निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने शनिवार को कोरोना मरीजों को दिए जा रहे इलाज की समीक्षा की।

वह पैसा वापस करने के प्रमाण के साथ राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में क्लेम प्रस्तुत कर सकते हैं। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से सभी सूचिबद्ध अस्पतालों को इस बावत निर्देश दिए गए हैं।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने बताया कि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में अभी तक 1200 से अधिक मरीजों को आयुष्मान कार्ड के तहत निश्शुल्क इलाज दिया जा चुका है।

उन्होंने मरीजों से भी अपील की कि वे आयुष्मान कार्ड होने पर इलाज के बदले पैसे न दें। कोई अस्पताल पैसा लेता है तो इसकी जानकारी प्राधिकरण की ओर से जारी नंबरों पर दें।

उन्होंने आयुष्मान योजना के निदेशक प्रशासन को निर्देश दिए कि सूचिबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिए जाएं कि यदि मरीजों से इलाज के बदले पैसे लिए गए हैं तो तत्काल पैसे वापस किए जाएं। मरीज के इलाज के बदले सरकार की ओर से तय दरों पर बिल उपलब्ध कराए जाएं, जिससे प्राधिकरण इसके बदले अस्पतालों को भुगतान कर सके। निदेशक प्रशासन डॉ एके गोयल ने सभी अस्पतालों को पत्र लिखकर कहा है कि अभी तक उपचारित किए गए किसी भी मरीज से यदि पैसे लिए गए हैं और मरीज अब डिस्चार्ज हो गया है तो उसके भी पैसे लौटाए जाएं और बिल भुगतान के लिए प्राधिकरण को भेजा जाए।अस्पताल इस आशय का प्रमाण भी दें कि मरीज को पैसा वापस कर दिया गया है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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