-पहला भविष्यसूचक, सक्रिय और व्यापक स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम
हरिद्वार। मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों की भारत की पहली श्रृंखला अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने आज अपोलो प्रोहेल्थ प्रोग्राम की शुरुआत की। ‘अपोलो प्रोहेल्थ’ बहुत ही प्रभावकारी, सक्रिय स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम है। यह पहला व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम है जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स प्रौद्योगिकी से व्यक्तिगत स्वास्थ्य से जुड़े खतरों की जाँच (पीएचआरए) की जाएगी।
इस प्रोग्राम की संकल्पना और रचना अपोलो के निवारक स्वास्थ्य सेवा तज्ञों और इनोवेटर्स ने बनाई है। अपोलो द्वारा 20 मिलियन से भी ज्यादा केसेस में की गई स्वास्थ्य जाँच के अनुभव, अध्ययन और नतीजों के आधार पर यह प्रोग्राम बनाया गया है। प्रोहेल्थ प्रोग्राम लोगों और व्यवसायों को स्वास्थ्य विश्लेषण प्रदान करता है जिससे वे स्वास्थ्य से जुड़े खतरे जान सकते हैं, उनके निवारण के लिए उपाय कर सकते हैं और अधिक स्वस्थ, खुशहाल जीवन जी सकते हैं। इस प्रोग्राम में प्रौद्योगिकी और मानवी घटकों को एकसाथ लाया गया है, इसमें एक नीजि हेल्थ मेंटर दिया जाता है जो हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने की दृष्टी से मार्गदर्शन करता है।  हेल्थ मेंटर का मार्गदर्शन व्यक्ति को अधिक स्वस्थ और अधिक खुशहाली पाने में मदद करता है।
इस अवसर पर अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने बताया, ‘हम सभी निवारण के बजाय बीमारी ठीक करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। मैं मानता हूँ कि लोगों को स्वास्थ्य सेवा में निवारण, संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। बीमारी ठीक करना यह स्वास्थ्य सेवा का एकमात्र तरीका नहीं है। अगर हम हमारे स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं तो हमें कभी भी कोई भी बीमारी का इलाज करने की जरुरत ही नहीं होगी। आज पूरी दुनिया में एनसीडी अर्थात असंचारी बिमारियों की त्सुनामी आयी हुई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि एनसीडीज ने हमारी युवा पीढ़ी को घेर लिया है। भारत जैसी महत्त्वाकांक्षी और विकासशील वित्तव्यवस्था में पूरी क्षमता और तेजी से आगे बढ़ पाने के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना बहुत जरुरी होता है। जीवनमान में बदलावों के कारण होनेवाली असंचारी बिमारियों के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए हमारे लक्ष्य पूरे हो पाना मुश्किल है। कैंसर, मधुमेह, दिल का दौरा, मोटापा, धूम्रपान जैसी बीमारियां हमारी क्षमताओं को बुरी तरह से प्रभावित कर रही हैं, इससे हमारी उत्पाद क्षमताएं और वित्तीय विकास पर भी बुरे असर हो रहे हैं। अपोलो प्रोहेल्थ बहुत बड़ा, महत्त्वाकांक्षी कदम है जो हमारा स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण और हमारी स्वास्थ्य से जुडी आदतों में परिवर्तन लाएगा। सच्चा चिकित्सक शरीर को तब ठीक करता है जब ठीक करने की जरूरत होती है।’ उन्होंनेे कहा, ‘अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने चार दशक पहले देश में पहला ‘पर्सनलाइज्ड प्रिवेन्टिव हेल्थ चेक’ शुरू किया था और अब हम दुनिया का सबसे प्रभावकारी निवारक स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं। यह प्रोग्राम आज के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं में नए आयाम लेकर आएगा। एनसीडीज के कारण होनेवाली करीबन 80 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है और इस निवारण में अपोलो प्रोहेल्थ प्रोग्राम मदद करेगा।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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