देहरादून। शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूटने लगा है। जनप्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों व प्लांट से लगातार निकल रही दुर्गंध के खिलाफ लोगों ने सरकार के खिलाफ आरपार के संघर्ष का ऐलान किया है। सेलाकुई में आयोजित बैठक में क्षेत्र के तमाम लोगों ने आंदोलन की रणनीति बनाई। इसमें तय किया कि जब तक प्लांट को नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। बैठक के बाद स्थानीय जनता ने रैंमकी कंपनी और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार अगर एक माह के भीतर प्लांट को यहां से अन्यत्र शिफ्ट नहीं करती है तो स्थानीय जनता खुद प्लांट पर अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी कर देगी। कहा कि किसी भी कूड़े के वाहन को प्लांट में नहीं घुसने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट पर स्थानीय विधायक की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि स्थानीय विधायक और सरकार स्थानीय जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। बैठक में निर्णय लिया कि अगर प्लांट से किसी के भी जीवन को खतरा हुआ तो सरकार पीड़ित व्यक्ति को दस लाख का मुआवजा दे। साथ ही स्थानीय जनता ने आरोप लगाया कि विभागों और जन प्रतिनिधियों की सांठ गांठ से यह प्लांट यहां लगा है। विभागों ने सुप्रीम कोर्ट को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह किया है।प्रदर्शनकारियों में अमित नेगी, अंकित शर्मा, आशा रावत, आनंद रावत, हिमांशु चैहान, शिवांश शर्मा, ममता त्यागी, विपिन पाल, रीता पाल, योगेश पाल, संदीप भंडारी, विनीता भंडारी, नरेंद्र बिष्ट, सुमली बिष्ट, पुष्पा नेगी, निधी नेगी, यशवंत नेगी, मीनू बिष्ट, राजदान, प्रीति, योगी, प्रज्ञा आदि शामिल रहे।
शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ लोगों में आक्रोश
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