हरिद्वार। राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद के क्षेत्रीय निदेशालय, कानपुर द्वारा हरिद्वार नगर निगम के सहयोग से सिडकुल स्थित होटल गार्डेनिया में अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 विषय पर आधारित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला – छः अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन नियम, (2016) का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में प्रतिभाग करते हुए कैबिनेट मंत्री शहरी आवास विकास मदन कौशिक ने कहा कि किसी भी शहर की सफाई व्यवस्था नगर निगम का दायित्व होता है, किन्तु ऐसा नहीं कि किसी एक अधिकारी या कर्मचारी से पूरी व्यवस्था को संचालित किया जा सकता है। किसी भी संस्था की उन्न्ति में पूरी टीम को सहभागिता निभानी पड़ती है। हरिद्वार शहर के लिए यह और अधिक महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों तक स्वच्छ भारत स्वच्छ हरिद्वार का संदेश हमें देना होगा। प्रत्येक अधिकारीध्कर्मचारी अपने-अपने स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों को समझें। नगर निगम केवल एमएनए से, कार्य निर्देशन से चलने से यह लक्ष्य प्राप्त नहीं होगा। यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिसका जो कार्य है, वह अपना कार्य ईमानदारी से करे। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी से कार्य करने से अच्छे परिणाम आते हैं। केवल आठ घंटे कार्य करने मात्र से लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकते। कई अधिकारी हैं जो पूरी जिम्मेदारी से कार्य करके राज्य को परिणाम दे रहे हैं। कौशिक ने भारत सरकार की रैंकिंग में पहले 50 से 100 में आने वाले नगर निकायों को पुरस्कार की घोषणा जो राज्य सरकार की ओर की गयी इसके लिए जुट जाने के लिए भली प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार के कचरे निस्तारण को लेकर पेट्रोलियम मंत्री भारत सरकार गंभीर हैं। उन्होंने इस कचरे से पेट्रो पदार्थ बनाने की बात भी कही है। आयोजकों द्वारा श्री कौशिक को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य नगर आयुक्त उदय राणा, अपर नगर आयुक्त नुपूर वर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।




