देहरादून। वन अनुसंधान संस्थान 17 सितंबर तक हिंदी अनुभाग, व.अ.स. के सौजन्य से हिंदी पखवाड़ा का आयोजन किया गया। इस दौरान हिंदी टंकण, प्रारूप एवं टिप्पन लेखन, हिंदी निबंध लेखन तथा हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें संस्थान के कार्मिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। 17 सितंबर को संस्थान के दीक्षांत गृह में हिंदी काव्यपाठ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। सांध्यकाल की इस प्रतियोगिता में संस्थान के कवि-कवियित्रियों ने प्रबुद्ध श्रोताआंें के सम्मुख अनेक रसप्रधान कविताओं का वाचन किया। इससे पूर्व श्रीमती नीलीमा शाह व.अ.स. ने देश के गृह मंत्री का हिंदी दिवस पर राष्ट्र के नाम संदेश पढ़ा।
कविता पाठ के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागी प्रथम, द्वितीय, तृतीय, एवं सांत्वना पुरस्कार विजेताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार राशि  प्रदान की गई। पुरस्कार वितरण के उपरांत इस समारोह में मुख्य अतिथि एवं संस्थान निदेशक ए.एस. रावत जी द्वारा अपने संबोधन में संस्थान के सभी कार्मिकों को अधिकाधिक कार्य राजभाषा हिंदी में करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा है और हमें संवेधानिक उत्तरदायित्व का पूर्ण निर्वहन करना है। उन्होंने हिंदी में कार्य पर मुख्यालय संस्थानों का जिक्र किया तथा वन अनुसंधन संस्थान के 100 प्रतिशत के लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास करने की भी आशा की। उन्होंने हिंदी में कार्य करने की आसान पद्धतियों कों अपनाकर हिंदी कार्यों में वृद््िघ करने पर जोर दिया। हिंदी पखवाड़े की आयोजित प्रतियोगिताओं में संस्थान एव आई.सी.एफ.आर.ई. के वैज्ञानिकों/अधिकारीयों एंव कर्मचारियों ने परीक्षक एवं निरीक्षक के रूप में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। इन प्रतियोगिताओं में काव्यपाठ प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेता क्रमशः प्रथम श्री सुधान सिंह कैन्तुरा, द्वितीय श्री सुबोध कुमार बाजपई, तृतीय गौरव पाण्डेय, एवं सांत्वना पुरस्कार श्री सचिन कुमार रहें। हिंदी टंकण प्रतियोगिता में मोहित शर्मा प्रथम, चंद्रप्रभा द्वितीय, अरंविद कुमार, तृतीय, तथा सुनील भट्टाराई सांत्वना पुरस्कार विजेता रहें। हिंदी टिप्पन एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता में छत्रपाल सिंह सैनी  प्रथम, सुनील भट्टाराई द्वितीय, अनिल सिंह तृतीय, तथा आशीष कुमार सांत्वना पुरस्कार विजेता रहें। इस दौरान हिंदी निबंध प्रतियोगिता में आकांक्षा शुक्ला प्रथम, आशीष कुमार द्वितीय, तथा सुधीर सिंह बिष्ट तृतीय, राजू सांत्वना पुरस्कार विजेता रहें। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के संचालक श्री शंकर शर्मा, सहायक निदेशक (राजभाषा) ने अपने संबोधन में हिंदी पखवाड़े को सफल बनाने एवं पहले से भी अधिक बढ़-चढ़कर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए सभी प्रतियोगियों का आभार व्यक्त किया तथा सभा में उपस्थित सभी के सप्रेम सहयोग पर भी आभार व्यक्त किया। समापन कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के सहित आरती चैधरी, भा.व.से. एवं नीलिमा शाह, भा.व.से. उपस्थित रही। अंत मैं धन्यवाद प्रस्ताव के उपरात कार्यक्रम का समापन हुआ।

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