विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि दून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य न्यायधीश ने अपने सम्बोधन में प्रदेश के युवाओं एवं राज्य में तेजी से बढ़ रहा नशा एवं नशा कारोबार को लेकर जो कहा, निश्चित तौर पर प्रदेश सरकार के लिए आत्मचिन्तन वाली बात है। उनके द्वारा प्रदेश नशे का हब बनने एवं नशे के कारोबार में अप्रत्याशित वृद्वि होने का जो जिक्र किया गया है, वो इस बात का द्योतक है कि प्रदेश अब ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रह पायेगा। अगर इस माहमारी का जड़ से खात्मा नहीं किया गया तो गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे। पूरा प्रदेश नशे की जद में है, लेकिन सरकार है कि जागने को तैयार नहीं। मोर्चा कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि मोर्चा द्वारा 29 मई को पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड को ज्ञापन सौंपकर इन सभी तथ्यों से अवगत कराया था, जिनमें यहाँ तक कहा गया था कि अगर इस कारोबार पर पूर्णरूप से अंकुश नहीं लगाया गया तो वो दिन दूर नहीं जब सेना व सशस्त्रबलों को भर्ती हेतु युवा ढूंढे नहीं मिलेगें। मोर्चा की बात को सरकार द्वारा गम्भीरता से नहीं लिया गया, लेकिन मा0 मुख्य न्यायधीश द्वारा नशे का हब बनने जैसे शब्दों का प्रयोग करना निश्चित तौर पर सरकार के लिए डूब मरने वाली बात है। उच्च न्यायधीश के बयान के बाद बेहतर होगा सी0एम0 त्रिवेन्द्र घर पर आराम फरमायें। पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, अमित जैन, मौ0 इस्लाम, सुशील भारद्वाज आदि उपस्थित रहेे। Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation सातवीं आर्थिक गणना को मिशन मोड़ में संचालित करने के लिये फुलप्रुफ मैकनिज्म करे तैयार देहरादून के चिल्लीज प्रीमियम रेस्टॉरेन्ट ने सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्ति की दिशा में उठाया कदम