विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र रावत के बयान ‘‘भ्रष्टाचार है तो तुरन्त बतायें’’ की कड़ी में मोर्चा द्वारा सीरियल अटैक किये जाने की घोषणा की गयी थी। इस मामले में तीसरा अटैक करते हुए नेगी ने कहा कि मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र द्वारा सत्ता सम्भालते ही 09.05.2017 को एक आदेश जारी किया कि राज्य में आचार संहिता लागू होने से 15 दिन पूर्व के समस्त खनन पट्टों, स्टोन क्रशर, हाॅट मिक्स भण्डारण आदि की एक कमेटी के माध्यम से जाँच करायी जायेगी, जिससे उक्त सभी प्रकार की खनन क्रियायें बन्द हो गयी तथा इस आदेश को अप्रत्यक्ष तौर पर सभी खनन पट्टों आदि पर लागू करवाकर प्रदेश में कारोबार बन्द करवा दिया। यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री नेगी ने कहा कि जाँच कमेटी के सदस्य केन्द्रीय मृदा एवं जल संरक्षण द्वारा 48 घंटे के भीतर अपनी असमर्थता जता दी गयी थी। खनन बन्दी के चलते अन्य प्रदेशों से हजारों की संख्या में रोजाना ट्रक खनन सामग्री लेकर उत्तराखण्ड में आपूर्ति करने लगे तथा मनमाने दाम पर लोगों को लूटने लगे। मोर्चा द्वारा जब मुख्यमन्त्री, जिनके पास उद्योग (खनिज) विभाग का प्रभार भी है, के खिलाफ आन्दोलन चलाया गया, जिससे विवश होकर 03.01.2018 को उक्त पूर्ववर्ती आदेश 09.05.2017 को यह कहकर बिना कमेटी से जाँच कराये, निरस्त कर दिया कि प्रदेश को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। मोर्चा मुख्यमन्त्री से मांग करता है कि खनन डील के मामले में अपने खिलाफ सी0बी0आई0 जाँच कब करायेंगे। Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation मैक्स हॉस्पिटल देहरादून ने लॉन्च की मैक्स मेड बस चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा गोयल ने किया गंगा पूजन