उत्तरकाशी। राजकीय महाविद्यालय सभागार में उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें शीर्षक उत्तराखंड राज्य, दशा एवं दिशा पर वक्ताओं एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विचार रखे। उत्तराखंड राज्य स्थापना के दो दशक हो चुके हैं। लेकिन, आज भी उत्तराखंड वासियों की अपेक्षाओं के अनुरूप पहाड़ का विकास नहीं हो सका है और ना ही पहाड़ को लेकर कोई ठोस योजना बन सकी है। आज भी पहाड़ की पीड़ा यहां के युवा युवतियों को सता रही है। महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने पहाड़ की पीड़ा पर गहरी चिंता व्यक्त की। संगोष्ठी में महाविद्यालय की छात्रा हिमानी रावत ने आन्दलन्कारियों को श्रद्धान्जलि देते हुए कहा कि हमारे सपनों का उत्तराखंड अभी भी कोसों दूर है। छात्र हेमंत सिंह ने चिंता व्यक्त करते हूए कहा कि विकास अभी भी पहाड़ों में अधूरा है। मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों का विकास कोसों दूर है। छात्र अखिलेश सिंह ने उत्तराखंड पर आधारित एक कविता के माध्यम से चित्र उकेरा। जिसमें पलायन सम्बंधी समस्याओं को भलीभांति उजागर किया। बतौर वक्ता इतिहास के प्रोफेसर डॉ विजय बहुगुणा ने हाल में ही जारी पलायन आयोग की रिपोर्ट में चिंता व्यक्त की तथा कहा कि 6340 से अधिक गांव खाली हैं। जिन्हें भुतहा गाँव घोषित किया जा चुका है। पहाड़ों से बढ़ते पलायन के पीछे मुख्य वजह है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार से सम्बंधी समस्याएं जस की तस बनी है। अखिलेश की मिमिकरी को बहुत सराहा गया। कार्यक्रम के संचालक डॉ डीएस मेहरा ने उत्तराखंड राज्य स्थापना की शुभकामनाएं प्रेषित करते हूए कहा कि उत्तराखंड को आगे ले जाने के लिये युवाओं को आगे आना होगा। प्रो बिमल प्रकाश बहुगुणा एवं प्रो युवराज शर्मा ने उत्तराखंड आन्दलंकारियों को श्रद्धांजलि देते हूए कहा कि हमें आन्दलंकारियों के सपनों को पूरा करने के लिये कटिबद्ध होना होगा। डॉ पुष्पांजलि आर्य ने उत्तराखंड के आर्थिक परिदृश्य पर चर्चा करते हूए कहा कि हमें आत्म निर्भर बनना होगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एके तिवारी ने सभी छात्र छात्राओं को शुभकामनाएं प्रेषित करते हूए कहा कि आज जरुरत है कि हम उन शहीद आन्दलंकारियों के सपनों को पूरा करें। इसके लिये नितांत आवश्यक है कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत रहें, व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास करें कि हम उत्तराखंड को आगे ले जाने में अपनी भूमिका कैसे सुनिश्चित करें। इस अवसर पर छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ कुमार, डॉ अर्चना, कुकरेती, पूनम,अखिलेश नेगी एवं राहुल राणा मौजूद रहे। Post navigation धर्म गुरूओं ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय को ऐतिहासिक एवं समाज को जोड़ने वाला बताया बिजली, पानी एवं सड़कों की समस्या को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाएगाः विधायक जोशी