हरिद्वार। इंडियन बैंक के ए टी एम से धोखाधड़ी कर सोलह हजार की रकम निकालने का एक मामला प्रकाश में आया है। ज्वालापुर कोतवाल ने तहरीर के आधार पर जांच के आदेश दिए है। मामले की जांच रेल चैकी प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद को सौंपी है।वहीं बैंक मैनेजर की लापरवाही भी उजागर हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्वालापुर निवासी दिनेश कुमार धीमान ने आर्यनगर इंडियन बैंक की शाखा पर लगे ए टी एम से 18जून को एक हजार रुपए निकालने के लिए गए। और ए टी एम में कार्ड लगा कर समस्त प्रक्रिया पूरी करते हुए एक हजार की रकम मशीन में भरते है पर पैसे बाहर नहीं निकले तो मशीन से निकली पर्ची व कार्ड को लेे कर दूसरे ए टी एम पर जा कर पुनः एक हजार निकालने की कोशिश करी। तो ए टी एम स्क्रीन पर प्रयाप्त राशि खाते में ना होना  दर्शाया गया यह देख दिनेश कुमार के होश फाख्ता हो गए ।दिनेश कुमार ने तुरंत शाखा प्रबंधक से मौखिक शिकायत दर्ज कराई ।इसपर शाजा प्रबंधक ने आश्वस्त दिया कि जो रकम खाते से अचानक गायब हुई है वह 24, घंटे में वापस आ जाएगी।पर ऐसा नहीं हुआ। अगले दिन फिर दिनेश कुमार ने बैंक से संपर्क किया तो शाखा प्रबंधक ने बताया कि किसी ने धोखाधड़ी कर आपका 16000की रकम निकाल ली है।एक गरीब के लिए लॉक डाउन में इतनी बड़ी रकम खाते से निकल जाना उसके लिए बड़ी बात थी।इस बात से वह गहरे सदमे में है।दिनेश ने बताया कि वो  घर के लिए गैस सिलिंडर लाने के लिए एक हजार की रकम निकालने गया था। पर खाते से 16000की रकम निकालना उसके लिए अचंभे की बात थी।जबकि उसके पास आज तक रकम निकलने का कोई संदेश भी नहीं प्राप्त हुआ है। दिनेश का आरोप है कि बैंक मैनेजर मामले में रुचि नहीं ले रहे है और मामले को टरकाने का प्रयास कर रहे है उन्हें गरीब की रकम से कोई लेना देना नहीं है थक हार कर दिनेश ने ज्वालापुर कोतवाली को तहरीर दे कर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने मांग की है। मामले की गंभीरता देखते हुए कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने जांच के आदेश दिए है। और जांच रेल चैकी प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद को सौंपी है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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