हल्द्वानी। केंद्र सरकार के नये मोटर व्हीकल एक्ट ने वाहन स्वामियों की नाक में दम करके रखा है। ऐसे में कुछ लोग इसका फायदा उठाने से भी नहीं चूके रहे हैं। नैनीताल के एक प्रतिष्ठित होटल की कारों का प्रदूषण प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। हालांकि विरोध करने पर संबंधित को अवैध तरीके से लिया गया धन लौटा दिया गया। नैनीताल के होटल की कारें यहां तिकोनिया स्थित एक प्रदूषण जांच केंद्र पर लाई गई और उनका प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाया गया। आरोप है कि प्रमाण पत्र के एवज में अतिरिक्त धन की वसूली की गई। इस बीच मामले का पता चलने पर सामाजिक कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गये। संबंधित होटल कर्मी से हुई बातचीत में पता चला कि मनमाने तरीके से रसीद में दर्ज धनराशि से अधिक वसूली की जा रही थी। करीब चार घंटे बाद केंद्र संचालक से इसका विरोध किया गया तो उसने धन लौटा दिया। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा ने बताया कि शहर में तमाम केंद्र चल रहे हैं। इनमें मनमानी की शिकायत भी प्राप्त हो रही है। उन्होंने वाहन स्वामियों को आसानी से प्रदूषण जैसे ततमाम प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आगे आने का अनुरोध किया है। Share on FacebookPost on XFollow usSave Post navigation जिलाधिकारी की पहल पर गौवंश को मिला आश्रय डेंगू को लेकर त्रिवेन्द्र सरकार संवेदनहीनः नेता प्रतिपक्ष