देहरादून। राजधानी देहरादून के चर्चित बोर्डिंग स्कूल गैंगरेप प्रकरण में आज पोक्सो कोर्ट ने आरोपी छात्र सरबजीत को सामूहिक दुष्कर्म के दोष में 20 साल की सजा सुनाई है। विशेष पोक्सो जज रमा पांडेय की अदालत ने स्कूल निदेशक लता गुप्ता, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, दीपक उसकी पत्नी तनु को अलग-अलग धाराओं में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सभी को नौ-नौ साल की सजा सुनाई।
प्रिसिंपल जितेंद्र शर्मा को ढाई साल की सजा हुई है। वहीं उसे कोर्ट से जमानत भी मिल गई है। स्कूल प्रबंधन पर साक्ष्य छुपाने, षड्यंत्र और गर्भपात कराने में दोष में 10 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। इस जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी। आरोपी आया मंजू को बरी कर दिया गया है। वहीं, कोर्ट ने इस मामले में आरोपी तीनों नाबालिग छात्रों को भी तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। इन तीनों को पिछले साल किशोर न्याय बोर्ड ने बरी कर दिया था। आज पोक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद तीन दिन के भीतर तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2018 में सहसपुर क्षेत्र के एक बोर्डिंग स्कूल में छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया था। घटना अगस्त माह की थी। लेकिन इसका खुलासा सितंबर 2018 में हुआ था। इसके बाद ही मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि उसके चार सहपाठी और सीनियर छात्र ने उससे दुष्कर्म किया और फिर स्कूल प्रबंधन ने उसका गर्भपात भी कराया। मामले को उसके घरवालों से भी छिपा कर रखा गया। घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़कर एक बालिग छात्र को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आपराधिक साजिश और गर्भपात कराने के मामले में डायरेक्टर समेत प्रबंधन के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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