देहरादून। संस्कृति विभाग के तत्वाधान में आयोजित गुरू शिष्य परम्परा का शुभारंभ आर्यसमाज मंदिर नत्थनपुर में विधिवत रूप से किया गया। जनप्रतिनिधि व समाज सेवक अतिथियों ने माता सरस्वती के चरणोंं मेंं पुष्प अर्पित करने के साथ ही दीप प्रज्वलित किया। इस मौके पर निशा ने मारम्परिक मांगल गीत गाया। यह कार्यशाला संस्कृति विभाग की एस सी एसटी योजना के तहत संचालित की जा रही है। आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य उत्तराखण्ड के नौनिहालों व युवाओं को प्रदेश की संस्कृति को बचाए रखने और उसका प्रचार करने के लिए जागरूक करना है। कार्यशाला के प्रशिक्षक लोक कलाकार मणी भारती ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से नौनिहालों व युवाओं को उत्तराखण्ड के लोक संगीत व लोक नृत्य का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंंने कहा कि यह कार्यशाला छह माह तक चलेगी।
पारम्परिक लोकगीत और लोकनृत्य कार्यशाला शुरू
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