देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में पंचायत चुनावों में जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश के लिए के एक पांच सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। बीजेपी संगठन को इस बात का इल्म है कि अगर आने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ता बरकार रखनी है तो छोटी सरकार का चुनाव जीतना ही होगा। दरअसल विधानसभा चुनावों से पहले यह आखिरी चुनाव है जिसमें संगठन की तैयारियों की परीक्षा होगी। इसलिए भले ही ये चुनाव बिना चुनाव चिन्ह के लड़े जाने हों पार्टी ने अपने संगठन को इसमें झोंक दिया है।
मोदी-शाह के नेतृत्व वाली नई बीजेपी किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेती और इसलिए बीजेपी ने उत्तराखंड में होने वाले पंचायत चुनावों के लिए भी कमर कस ली है। पार्टी ने पांच लोगों की समिति का गठन किया है जिसका काम हर जिले में जाकर योग्य और जिताऊ प्रत्यशियों की तलाश करना है। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री खजानदास ने बताया कि इस पांच सदस्यीय समिति के अध्यक्ष उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत हैं। उनके साथ इस समिति में नरेश बंसल, बिशन सिंह चुफाल, पुष्कर धामी और नीरो देवी भी सदस्य के रूप में शामिल हैं. ये समिति प्रत्याशियों का पैनल बनाकर प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी। प्रदेश महामंत्री खजान दास ने कहा कि ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनावों में पार्टी की विचारधारा से मेल रखने वाले को ही पार्टी टिकट देगी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावो में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पार्टी सिंबल तो नहीं दिया जाता है लेकिन जिला पंचायत सदस्य पार्टी सिम्बल पर चुनाव लड़ते हैं। कहने के लिए ही पंचायत चुनाव छोटे स्तर के चुनाव हैं, बीजेपी की तैयारी इन चुनावों को लोकसभा और विधानसभा स्तर की गंभीरता से लड़ने की है क्योंकि इन चुनावों में हार-जीत की गूंज विधानसभा चुनावों का मूड तय करेगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

उत्तराखंड संवाद भारती उत्तराखंड सहित देश-दुनिया की ताज़ा, निष्पक्ष और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए समर्पित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *