देहरादून। दिल्ली दंगे ने पहाड़ को भी हिला दिया है। उत्तराखंड में पौड़ी जिले के रोखड़ा गांव का युवक जिस गोदाम में सो रहा था, दंगाइयों ने उसमें आग लगा दी, जिससे वह गोदाम में ही जिंदा जल गया। जबकि उसका साथी घायल हो गया है और अस्पताल में भर्ती है। साथी की सूचना पर युवक के चाचा और जीजा दिल्ली रवाना हो गए हैं। एसएसपी ने भी दिल्ली में युवक की मौत की पुष्टि की है। थाना पैठाणी के ढाईज्यूली पट्टी की ग्राम पंचायत ग्वींठ के पूर्व प्रधान चरण सिंह और रोखड़ा निवासी शंकर सिंह ने बताया कि रोखड़ा गांव निवासी दिलबर सिंह (19) पुत्र गोपाल सिंह की दिल्ली दंगे में मौत हो गई है।
दिलबर के साथ काम करने वाले पड़ोस के ईड़ा गांव निवासी उसके साथी श्याम सिंह ने इसकी सूचना बीती 26 फरवरी की शाम को दी। उन्होंने बताया कि श्याम सिंह व दिलबर सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे। 12वीं पास दिलबर डेढ़ वर्ष से शहादरा, दिल्ली में एक बेकरी में काम करता था। श्याम ने ग्रामीणों को फोन पर बताया कि 24 फरवरी की रात को दिलबर बेकरी के गोदाम में सो रहा था। तभी दंगाइयों ने गोदाम में आग लगा दी, जिससे वह जिंदा जल गया। श्याम ने बताया कि दंगाइयों ने उस पर भी हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। होश आने पर उसने अपने आप को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती पाया। उसे वहां किसने पहुंचाया, इसकी जानकारी नहीं है। एसएसपी पौड़ी दलीप सिंह कुंवर ने दिल्ली में दिलबर की मौत होने की पुष्टि की है। वहीं, पैठाणी थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह रोखड़ा गांव पहुंचकर दिलबर के परिजनों से मिले। उन्होंने बताया कि दिलबर का शव लेने उसके चाचा व जीजा दिल्ली रवाना हो गए हैं।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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