उत्तराखंड

दिल्ली दंगों में वामपंथियों की भूमिका: प्रज्ञा प्रवाह

देहरादून/दिल्ली। प्रज्ञा प्रवाह पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली क्षेत्र की संयुक्त बैठक गूगल मीट पर आयोजित की गयी। इस बैठक में दिल्ली दंगों में वामपंथियों की भूमिका को दुनिया के सामने लाने के लिए परिचर्चाओं के आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कोविड-19 को लेकर व्यापक पैमाने पर बौद्धिक परामर्श की आवश्यकता, स्वदेशी जागरण मंच के हस्ताक्षर अभियान से जुड़ने तथा आत्मनिर्भर भारत को लेकर वेबीनार आयोजन तथा ई-लर्निंग एवं ऑनलाइन प्रशिक्षण आदि विषयों पर चर्चा की गयी। बैठक में जे. नंदकुमार ने कहा कि भारतीय मॉडल के आधार पर और भारतीय मरीजों के डेटाबेस के आधार पर वैक्सीन को बनाने की आवश्यकता है और इसके लिए विश्वविद्यालयों, शोधशालाओं एवं प्रयोगशालाओं को इस दिशा में शोध करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज हमें अपने स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को पूर्णता प्रदान करने का एक अवसर मिला है। उन्होंने शिक्षाविदों, विद्यालय एवं महाविद्यालय संचालकों की समस्याएं को लेकर वेबीनार आयोजित करने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि आज उच्च शिक्षा को लेकर तो बहुत विचार-विमर्श चल रहा है, लेकिन प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा को लेकर भी विचार विमर्श करने की आवश्यकता है और इसको लेकर वेबीनार एवं डिस्कशन फोरम आयोजित करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व में यह नियत किया गया था कि सभी क्षेत्र युवाओं और महिलाओं को लेकर विशेष कार्य करेंगे और इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र ने अच्छी गति देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आज शोध कार्य और कंटेंट क्रिएशन को गति देने का भी सही समय है। गुजरात में हुए दो विशिष्ट कार्यक्रमों के विषय में बताते हुए

उन्होंने कहा कि आज न्यूमैरिक एस्ट्रोलॉजी और डिकोडिंग महाभारत जैसे ऑनलाइनकोर्सेज भी आयोजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अपने मंच का आंतरिक बल बढ़ाने का भी उचित समय है , जिसमें विशेषकर कार्यकर्ता शिविर इस विशेष कालखंड में आने वाले जून माह में आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें विषयवार युवाओं की टीम भी बनानी चाहिए जिसके ऊपर एक शिक्षक मेंटर की भी व्यवस्था हों।

बैठक में मुख्य रूप से प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय सह संयोजक श्रीकांत वासुदेव काटदरे, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक रामाशीष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक भगवती प्रसाद राघव, प्रो. बी.के. कुठियाला, डॉ एल.एस. बिष्ट, डॉ. चैतन्य भंडारी, डॉ. प्रवीण तिवारी, डॉ. चंद्रशेखर, इंजी. अवनीश त्यागी, डॉ. बीरपाल सिंह, डॉ. अंजली वर्मा, डॉ. रिचा कंबोज, डॉ. देवेश मिश्रा, डॉ आर के गुप्ता, डॉ. सोनू द्विवेदी, डॉ वीके सारस्वत, डॉ गौरव राव, शुभ गुप्ता, अनुराग विजय अग्रवाल इत्यादि उपस्थित रहे।

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