उत्तराखंड

सोनिया गांधी के खिलाफ मुकदमा राजनीतिक विद्वेष से प्रेरितः प्रीतम

पीसीसी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की कड़ी निंदा की
-कहा, बदले की भावना से राजनीतिक षड़यंत्र के तहत विपक्षी दल के नेताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमें दर्ज किए जा रहे
देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने केन्द्र की मोदी सरकार के इशारे पर राजनैतिक बदले की भावना से कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में एफआईआर दर्ज किये जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा विपक्षी दल के नेताओं के खिलाफ बदले की भावना से राजनीतिक षड़यंत्र के तहत फर्जी मुकदमें दर्ज कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इशारे पर भाजपा के नेताओं द्वारा कंाग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं पर अलोकतांत्रिक तरीके से मुकदमें दर्ज किये जा रहे हैं, जो निन्दनीय है, जिसकी जितनी भी भत्र्सना की जाय कम है।
उन्होंने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा केन्द्र सरकार के इशारे पर लोकतंत्र के सभी मानकों एवं मापदण्डों पर कुठाराघात करते हुए अलोकतांत्रिकता का अपना घिनौना चेहरा सबके सामने लाते हुए कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जनता की आवाज उठाने से रोकने के लिए उनके विरूद्ध झूठे मुकदमें दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित एवं अपमानित किया जा रहा है परन्तु कांग्रेस पार्टी भारतीय लोकतंत्र एवं न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास रखती है तथा उसका सम्मान करती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर गलत जानकारी के आधार पर लिखाई गई है। उन्होंने इसके लिए दोशी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के खिलाफ प्रतिषोध की राजनीति के तहत एफआईआर दर्ज किया जाना निन्दनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम लोकतांत्रिक देष के निवासी हैं तथा लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। सोनिया गांधी द्वारा उठाये गये मामले का समर्थन करते हुए प्रीतम सिंह ने कहा कि जब पीएम केयर्स कोश में पैसा आया है तो उस पैसे से कोरोना महामारी की त्रासदी झेल रहे श्रमिकों की मदद क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का सदैव लोकतंत्र एवं लोकषाही में गहरा विष्वास रहा है परन्तु कंाग्रेस पार्टी के नेताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी षासित राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी में अपनी विफलताओं को छिपाने तथा अपने भ्रश्टाचार को दबाने के लिए जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है वह केन्द्र की मोदी सरकार के तानाषाही रवैये को उजागर करती है। भारतीय जनता पार्टी विषेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने इस कृत्य के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से माफी मांगनी चाहिए तथा उनके विरूद्ध लगाये गये झूठे मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए। भाजपा के इस शड़यंत्र का कंाग्रेस के कार्यकर्ता एकजुट होकर डटकर मुकाबला करेंगे तथा हर स्तर पर जनता की आवाज को उठाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार के इषारे पर मुख्य विपक्षी दल के नेताओं के साथ की जा रही कार्रवाई स्वस्थ लोकतंत्र की परम्परा के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा सकता है। यह भारतीय जनता पार्टी के फासीवादी एवं तानाशाही चरित्र का द्योतक है, जिसे लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला कोई भी दल सहन नहीं करेगा। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस इसका विरोध करते हुए केन्द्र सरकार के इशारे पर की जा रही इस प्रकार की कार्रवाई की निन्दा करते हुए सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज किये गये मुकदमे को वापस लेने की मांग करती है।

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