उत्तराखंड

सरकार समय रहते विपक्षी की सुन लेती तो कोरोना नियंत्रण में होताः प्रीतम

देहरादून। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकारी व्यवस्थाओं को आडे हाथों लेते हुए कहा कि जब सरकारें विपक्ष से संवाद तोड देती हैं तो वहां कुछ इसी तरह की अव्यवस्थायें देखने को मिलती हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि यदि समय रहते सरकार ने विपक्ष की सुन ली होती तो आज स्थितियां इतनी अनियंत्रित नहीं होती। उन्होने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार सरकार को कोरोना महामारी की भयावहता के लिए जागरूक करती रही कि अप्रवासी श्रमिकों को सीधे उनके धर वापस न भेज कर सीमा पर ही कोरेन्टाइन की व्यवस्था की जाय परन्तु सरकार द्वारा अपनी हठधर्मिता के चतले प्रवासियों को सीधे उनके घर भेज दिया गया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सारी जिम्मेदारी साधन विहीन ग्राम प्रधानों पर थोप दी जिसका नतीजा यह हुआ कि आज कोरोना महामारी के संक्रमितों की संख्या बेकाबू होती जा रही है तथा कोई भी जिला इससे अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है ऐसे में इन संक्रमितों को उपचार मुहैया कराना सरकार के बूते से बाहर है।
प्रीतम सिंह ने कोरेन्टाइन सैन्टरों की बदहाली एवं बद इंतजामी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि नैनीताल के बेतालघाट कोरेन्टाइन सैन्टर का है जिसमें एक 4 वर्ष की बच्ची की  जहरीले सांप के काटने से मृत्यु हो गई, वहीं रूद्रपुर में एक लडकी की लाश तीन दिन तक कोरोना रिपोर्ट के इंतजार में सड़ती रही तथा तीसी घटना उधमसिंहनगर में घटित हुई जब एक सुरक्षा कर्मी द्वारा कोरेन्टाइन सैन्टर में युवती के साथ छेड़छाड़ की गई। उन्होंने कहा कि कोरेन्टाइन सैन्टर में पीने के पानी तथा शौच की कोई व्यवस्था नहीं है। कोरोना महामारी के नाम पर भ्रष्टाचार का यह आलम है कि देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्टस स्टेडियम में 900 चादरे प्रशासन की नाक के नीचे से गायब हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस पार्टी ने कोई सकारात्मक सुझाव सरकार को देने चाहे तब सरकार ने अपनी हठधर्मिता के चलते न तो उन सुझावों को सुना और न विपक्ष से बात करने को तैयार हुई। लाॅक डाउन फेस-2 के दौरान ही जब सरकार के पास अप्रवासी उत्तराखण्डियों का कोई आंकडा नहीं था तभी कांग्रेस पार्टी ने एक एप लाॅच कर बडी संख्या में अप्रवासी उत्तराखण्डियों का डेटा एकत्र कर मुख्यमंत्री को सौंपना चाहा परन्तु मुख्यमंत्री ने विपक्षी प्रतिनिधमण्डल को समय देने के उपरान्त भी मिलना गंवारा नहीं समझा। प्रीतम सिंह ने यह भी कहा कि आज तो संवेदनहीनता की पराकाष्ठा ही हो गई जब हवाई जहाज से आने वाले प्रवासियों को सरकार ने अपने खर्चे पर कोरेन्टाइन होने के आदेश जारी कर दिये गये जबकि कई यात्रियों के पास धनाभाव होने के कारण उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। उन्होने कहा कि अभी तो हम कोरोना से लड रहे हैं तथा डेंगू हमारे दरवाजे पर मुंह बाये खडा है, ऐसी भारी अव्यवस्थाओं के बीच हम दोहरे मोर्चे पर कैसे लड पायेंगे।

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