उत्तराखंड

सचिवालय व विधानसभा का सन्नाटा हुआ खत्म, काम पर लौटे कर्मचारी

देहरादून। जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना के गम्भीर संकट से जूझ रहा है वहीं उत्तराखण्ड अब तक कोरोना के संक्रमण से अपनी सुरक्षा करने में काफी हद तक सफल रहा है। राज्य के जिन चार-पांच जिलों में अब तक कोरोना संक्रमण के केस सामने आये है वहंा सरकार लाकडाउन को पूरी सख्ती से लागू किये हुए है। वहीं सरकार द्वारा अन्य उन जिलों में भी अभी किसी तरह की छूट नहीं दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सरकार द्वारा राज्य में आर्थिक गतिविधियों को गतिमान करने का निर्णय लिया गया है।
यही कारण है कि 25 दिनों से बंद पड़े सरकारी दफ्तरों में आज थोेड़ी सी हलचल शुरू हो गयी है। विधानसभा और सचिवालय कार्यालयों की साफ सफाई के साथ ही यहंा सेनेट्राईजिंग का काम शुरू हो गया है तथा अनुसचिव स्तर के अधिकारी कार्यालयों में पहुंच गये है। भले ही अभी कुछ जरूरी फाइलों का काम ही शुरू हुआ हो लेकिन यह शुरूआत आने वाले दिनों मेें धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होने के संकेत जरूर दे रही है। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अभी रोस्टर सिस्टम के तहत कार्यालयों में आने को कहा गया है जबकि अभी आम दिनों की तरह आम लोगों के आने जाने पर प्रतिबंध है तथा जो कर्मचारी व अधिकारी काम पर लौट रहे हंै उन्हे भी सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेंन करने की हिदायत दी गयी है। राजधानी दून जिसे सरकार द्वारा रेड जोन में रखा गया है वहां अभी लाकडाउन को लेकर खासी सख्ती बरती जा रही है। बिना आवश्यक काम के सड़कों पर निकलने वालों की चैकिंग का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। वहीं बिना मास्क पहने किसी को भी घर से बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। टू व्हीलर पर डबल सवारी पर भी पांबदी लगी हुई है। शासन, प्रशासन की कोशिश है कि अब नये कोरोना केसों को रोकने का हर संभव प्रयास किया जाये।

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