श्रीनगर। मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय को कोरोना अस्पताल बनाया गया है। जिसके कारण बेस अस्पताल की ओपीडी संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में शिफ्ट कर दी गई है। एक हफ्ते पहले हुई शिफ्टिंग के बाद भी मेडिकल कॉलेज का स्टॉफ (गायनी को छोड़कर) संयुक्त अस्पताल में शिफ्ट नहीं किया गया है। जिसके कारण मरीजों को भारी दिक्कतों से होकर गुजरना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग व चमोली जिलों से मरीज पहुंचते हैं। कोरोना के चलते हालांकि मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन बेस अस्पताल की ओपीडी संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में शिफ्ट होने पर संयुक्त अस्पताल पर भार पड़ गया है। मेडिकल कॉलेज से संयुक्त अस्पताल में डॉक्टर न आने से संयुक्त अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को 24 घंटे की ड्यूटी के लिए तैयार रहना पड़ रहा है। दो बजे के बाद संयुक्त अस्पताल की पैथोलॉजी की व्यवस्थाएं भी गड़बड़ा रही हैं। इमरजेंसी टेस्टों को यहां से श्रीकोट बेस अस्पताल में भेजा जा रहा है। इससे मरीजों को भी दिक्कतें हो रही हैं। लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज से पर्याप्त स्टॉफ आने के बाद ही संयुक्त अस्पताल पर पड़े भार से व्यवस्थाओं में सुधार आ सकता है। मेडिकल कॉलेज से संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों को भेजे जाने वाली लिस्ट तैयार कर संयुक्त अस्पताल के एमएस को भेज दी गई है। अभी मेडिकल कॉलेज के गायनी का स्टॉफ संयुक्त अस्पताल में पूरी तरह से तैनात कर दिया गया है। लैब की सुविधा भी प्रदान की जा रही है। जिन डॉक्टरों की संयुक्त अस्पताल में जरूरत होगी उन्हें भेज दिया जाएगा। ——————————————————- गायनी विभाग में मिली डॉक्टर श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के गायनी विभाग में चल रही कमी डॉक्टर की कमी को देखते हुए शासन से गायनी विभाग में एक डॉक्टर की तैनाती की स्वीकृति दी है। बेस अस्पताल में डॉ. ओजस्वी शंकर को शासन ने चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड की संस्तुति पर अस्टिटेंट प्रोफेसर प्रोफेसर के पद तैनाती की स्वीकृति मिलने से बेस अस्पताल के गायनी विभाग में डॉक्टरों की कमी पूरी होगी। वहीं शासन ने अस्थाई रूप से डॉक्टर की तैनाती की स्वीकृति है। यदि स्थाई रूप से डॉक्टरों की तैनाती होती तो बेस अस्पताल के बेहतर होता। प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने बताया कि गायनी विभाग में अस्टिटेंस प्रोफेसर की राज्यपाल की ओर से स्वीकृति मिली है। जिससे गायनी विभाग में डॉक्टर मिलने से प्रसूताओं को लाभ मिलेगा। Post navigation लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासियों को रोजगार मुहैया कराएगा प्रशासन वैज्ञानिक शाबिर अहमद ने मैकेनाइज्ड हैंड वॉश मशीन का डेमो दिया