नाइट पेट्रोलिंग और कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल देहरादून। राजधानी में एक सनसनीखेज घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की रात्रि गश्त के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईटी पार्क से देर रात ड्यूटी कर घर लौट रहे एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बदमाशों ने अगवा कर न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि लूटपाट के बाद पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। पीड़ित 23 वर्षीय आकाश रात करीब 2 बजे आईटी पार्क से अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि सहस्रधारा क्रॉसिंग पर दो स्कूटर सवार युवकों ने उससे संपर्क किया और मोबाइल फोन खो जाने का बहाना बनाकर मदद मांगी। भरोसा दिलाकर उन्होंने आकाश को अपने स्कूटर पर बैठा लिया। पांच थाना क्षेत्रों से गुजरते रहे बदमाश, पुलिस को भनक तक नहीं आरोप है कि बदमाश आकाश को शहर के पांच थाना क्षेत्रों—रायपुर, डालनवाला, कोतवाली, कैंट और प्रेमनगर—से होते हुए जामुनवाला क्षेत्र तक ले गए, लेकिन कहीं भी पुलिस की गश्ती टीम नजर नहीं आई। इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी में रात के समय सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी है। बेरहमी से मारपीट, लूटपाट के बाद पुल से नीचे फेंका जामुनवाला पहुंचने के बाद बदमाशों ने आकाश के साथ मारपीट की। उसके पास मौजूद दो मोबाइल फोन, नकदी और बैग लूट लिया गया। इसके बाद बदमाशों ने उसे पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। आरोप है कि नीचे गिरने के बाद भी बदमाशों ने उस पर पत्थर बरसाए, ताकि वह बच न सके। पूरी रात दर्द से तड़पता रहा युवक गंभीर हमले में आकाश की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया, जिसके कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गया। घायल अवस्था में वह पूरी रात नदी किनारे पत्थरों पर तड़पता रहा और किसी तरह खुद को घिसटते हुए सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश करता रहा। सुबह होने पर वहां से गुजर रहे एक पंडित जी और कुछ सैन्य जवानों की नजर घायल युवक पर पड़ी। उन्होंने तत्काल मानवता दिखाते हुए आकाश को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच सकी। शहर में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद राजधानी देहरादून में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। खासकर देर रात नौकरी से लौटने वाले युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि शहर में प्रभावी गश्त होती, तो बदमाश इतनी आसानी से एक युवक को अगवा कर कई थाना क्षेत्रों से नहीं ले जा सकते थे। घटना ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बहस छेड़ दी है। Post navigation उत्तराखंड में समूह-‘ग’ भर्तियों का बड़ा मौका चारधाम यात्रा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी, श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील