देहरादून। उत्तराखंड के वीरेन्द्र सिंह रावत पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी, वर्तमान राष्ट्रीय कोच और क्लास वन रेफरी जिनके मार्ग दर्शन पर देहरादून के बेल रोड, कलेमनटाउन निवासी चर्चिल राणा हाल ही मे 82 रेफरी को पीछे छोड़कर टॉप 4 मे फाइनल राउन्ड मे फर्स्ट स्थान प्राप्त किया और ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन नई दिल्ली के रेफरी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर रविशंकर जे ने नैशनल रेफरी का पत्र प्रदान किया।
चर्चिल राणा जब नैशनल रेफरी बने तो सर्वप्रथम अपने गुरु से मिलने के लिए गुरु के ऑफिस नत्थनपुर देहरादून आए और आशीर्वाद लिया। इस मौके पर वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मेरे शिष्य फुटबाल के क्षेत्र मे चाहे खिलाड़ी हो, कोच हो या रेफरी हो। वह मेरे द्वारा बताएं गए निर्देशों का पालन कर एवं  कोचिंग लेकर  उचित मुकाम पा रहे हैं और आज तक वीरेन्द्र सिंह रावत को इतने सारे 44 अवार्ड जो मिले वो मेरे खिलाड़ियों, कोच और रेफरी को समर्पित है। वीरेन्द्र सिंह रावत ने अपने शिष्य को नैशनल रेफरी बनने पर उत्तराखंड फुटबाल रत्न अवार्ड 2019 के बेस्ट रेफरी के अवार्ड से सम्मानित किया। रावत ने बताया कि चर्चिल राणा को बचपन से फुटबाल का शौक था उनके पिताजी भी गोरखा राइफल्स मे बेह्तरीन फुटबाल खिलाड़ी थे।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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