-दूरदराज के कई इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी न होने से आन लाइन पढ़ाई का लाभ नहीं उठा पा रहे कई छात्र
-शिक्षा के सवाल पर सरकार शीघ्र बैठक बुलाकर पढ़ाने की व्यवस्था को सुचारू रूप से करें
देहरादून। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि कोरोना महामारी के तृतीय चरण की समाप्ति पर जो अब तक समस्याएं जनता के बीच में आ रही हैं उनके समाधान के लिए सरकार से हमारी प्रार्थना है कि जो 82834 प्रवासी विभिन्न प्रांतों से उत्तराखंड में आ चुके हैं और वह अपने गांव में पहुंच चुके हैं। इसके लिए सरकार का धन्यवाद, लेकिन गांव में जिस जगह पर प्रवासी भाइयों को रखा जा रहा है वहां पर प्रधान, क्षेत्र पंचायत आदि सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है किंतु उनको कोई वित्तीय सुविधा नहीं दी गई है, जिसके कारण प्रधान गणों को एवं स्थानीय नागरिकों को वहां पर प्रवासी भाइयों की व्यवस्था में दिक्कत आ रही है इसका समाधान किया जाना चाहिए। पूरे देश स्तर पर जिन उत्तराखंड के 2 लाख 12 हजार 718 प्रवासियों ने उत्तराखंड आने के लिए ऑनलाइन पंजीकारण किया हैं उनको तत्काल उत्तराखंड लाने की व्यवस्था बसों द्वारा या रेलगाड़ी द्वारा की जाए, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके। साथ ही अब तक मात्र कुल 11,000 कोरोना टेस्ट किए गए यह गति बहुत धीमी है। हमारे डॉक्टर्स एवं नर्सिंग स्टाफ को पूरे एक्यूपमेंट दिए जाएं ताकि वह टेस्टिंग की गति को तेज कर सकें, और लोगों में जो दहशत का माहौल है उस से लोगों को निजात मिल सके।
साथ ही जो ई लर्निंग क्लासेस का मामला है उसमें भी बहुत बड़ी समस्या छात्र छात्राओं के साथ आ रही है। मैं ऑनलाइन टीचिंग में सभी गुरुजनों का आभार व्यक्त करता हूं जो विकट परिस्थिति के बाद भी सुचारू रूप से पठन पाठन करा रहे हैं। क्योंकि दूरदराज के इलाकों में कहीं पर मोबाइल कनेक्टिविटी अभी तक नहीं है, वहां पर बच्चे कैसे पढ़ेंगे, सब के पास एंड्रॉयड फोन भी नहीं है, उस स्थिति में जो पठन-पाठन का कार्यक्रम है वह प्रभावित हो रहा है। हमारे भविष्य के नौनिहालों के साथ जो स्थितियां पैदा हो रही हैं शिक्षा के सवाल पर उस पर सरकार शीघ्र बैठक बुलाकर पढ़ाने की व्यवस्था को सुचारू रूप से करें ताकि बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी ना हो।
साथ ही एपीएल परिवारों के लोगों को जो राशन की दिक्कत आ रही है उनका कोटा बढ़ाया जाए वह लोग पैसा देने के लिए तैयार हैं लेकिन राशन की व्यवस्था उनके लिए की जानी बहुत आवश्यक है, इससे जो भूखमरी की स्थिति है उससे निजात मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो दिन भर काम करते हैं और शाम को 2 जून की रोटी मिलती है तो अब सरकार ने जो मनरेगा के माध्यम से व्यवस्था की है इस पर धन की कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार कांग्रेस पार्टी से जो भी सहयोग चाहेगी कांग्रेस सरकार की सहयोग देने के लिए साथ खड़ी मिलेगी।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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