Uttarakhand में Uniform Civil Code लागू होने के बाद कथित हलाला से जुड़ा पहला मामला सामने आया है। Roorkee के Buggawala थाना क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने पति सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में दहेज उत्पीड़न के साथ अब यूसीसी से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस के अनुसार, महिला ने चार अप्रैल को अपने पति दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरसद, देवर परवेज और जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा और ननदोई फैजान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप है कि उसे प्रताड़ित किए जाने के बाद तीन तलाक दिया गया और बाद में हलाला की प्रक्रिया के लिए मजबूर किया गया।

शुरुआत में मामला दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा तक सीमित था, लेकिन पीड़िता और उसके परिवार ने आरोप लगाया कि मामले में यूसीसी के तहत कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे लेकर परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली थी। पुलिस ने उस समय जांच के बाद उचित धाराएं बढ़ाने की बात कही थी।

जांच के दौरान पुलिस ने महिला के आरोपों की पड़ताल की। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में हलाला से जुड़े आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामले में Uniform Civil Code के तहत भी धाराएं जोड़ दी गईं। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र भी अदालत में दाखिल कर दिया है।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है। यूसीसी लागू होने के बाद धार्मिक और वैवाहिक प्रथाओं से जुड़े मामलों में कानून के दायरे और उसके प्रभाव को लेकर यह पहला बड़ा मामला माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। वहीं, इस प्रकरण के सामने आने के बाद यूसीसी को लेकर प्रदेश में बहस भी तेज हो गई है।

By उत्तराखंड संवाद भारती

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